Ch 12निःशुल्क

पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Practical Chemistry (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

पृष्ठ तनाव (Surface Tension) — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

9.1 पृष्ठ तनाव की परिभाषा

परिभाषा

9.1 पृष्ठ तनाव की परिभाषा

पृष्ठ तनाव (Surface Tension) वह गुण है जिसके कारण किसी द्रव की सतह संकुचित होकर न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने का प्रयास करती है। यह द्रव की सतह पर उपस्थित अणुओं के बीच आकर्षण बल के कारण उत्पन्न होता है। जब द्रव की सतह पर कोई बाहरी बल लगाया जाता है, तो सतह उस बल का प्रतिरोध करती है और अपनी सतह को फैलने से रोकती है। पृष्ठ तनाव का मात्रक न्यूटन प्रति मीटर (N/m) है। यह गुण विशेष रूप से जल, पारा आदि जैसे द्रवों में देखा जाता है।

  • पृष्ठ तनाव द्रव की सतह पर उपस्थित अणुओं के आकर्षण बल के कारण होता है।
  • यह सतह को न्यूनतम क्षेत्रफल प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
  • पृष्ठ तनाव का मात्रक न्यूटन प्रति मीटर (N/m) है।
  • यह गुण जल, पारा आदि में विशेष रूप से देखा जाता है।
  • पृष्ठ तनाव के कारण द्रव की सतह पर झिल्ली जैसी संरचना बनती है।
  • 📌 पृष्ठ तनाव: द्रव की सतह पर संकुचन के लिए जिम्मेदार गुण।
  • 📌 मात्रक: न्यूटन प्रति मीटर (N/m)।

9.2 पृष्ठ तनाव का कारण

अवधारणा

9.2 पृष्ठ तनाव का कारण

पृष्ठ तनाव का मुख्य कारण द्रव के अणुओं के बीच आकर्षण बल (आंतर-अणुक आकर्षण) है। द्रव के भीतर के अणु चारों ओर से समान रूप से आकर्षित होते हैं, जबकि सतह पर स्थित अणुओं को ऊपर की ओर आकर्षण नहीं मिलता, जिससे वे भीतर की ओर खिंच जाते हैं। यह असंतुलन सतह पर एक संकुचन बल उत्पन्न करता है, जिसे पृष्ठ तनाव कहते हैं। सतह के अणु अधिक ऊर्जा वाले होते हैं, इसलिए द्रव अपनी सतह को न्यूनतम रखने का प्रयास करता है।

  • द्रव के भीतर के अणु सभी दिशाओं में आकर्षित होते हैं।
  • सतह के अणु केवल नीचे और बगल की ओर आकर्षित होते हैं।
  • सतह के अणुओं में ऊर्जा अधिक होती है।
  • अणुओं के असंतुलन के कारण सतह संकुचित होती है।
  • पृष्ठ तनाव के कारण द्रव गोलाकार बूंदों के रूप में रहता है।
  • 📌 आंतर-अणुक आकर्षण: अणुओं के बीच आकर्षण बल।
  • 📌 सतह अणु: द्रव की सतह पर स्थित अणु।

9.3 पृष्ठ तनाव की गणना

सूत्र

9.3 पृष्ठ तनाव की गणना

पृष्ठ तनाव की गणना के लिए द्रव की सतह पर लगाए गए बल को सतह की लंबाई से विभाजित किया जाता है। यदि किसी द्रव की सतह पर लंबाई L पर बल F लगाया जाए, तो पृष्ठ तनाव T = F ÷ L होगा। प्रयोगशाला में पृष्ठ तनाव मापन के लिए विभिन्न विधियाँ अपनाई जाती हैं, जैसे क

SLM - Practical Chemistry (Hindi) के सभी 15 अध्याय

Practical Chemistry · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1गुणात्मक परीक्षण : मूलभूत अवधारणाएँ (Qualitative Analysis)
8 नोट्स
2परिक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न (Oral Questions for Viva-Voice)
11 नोट्स
3गुणात्मक विश्लेषण
11 नोट्स
4अम्लीय मूलक (ऋणायन) का क्रमबद्ध गुणात्मक विश्लेषण (Systematic)
9 नोट्स
5मात्रात्मक विश्लेषण
10 नोट्स
6धारकीय मूलक (धनायन) का शुष्क परीक्षण (Dry Tests for Basic)
10 नोट्स
7धारकीय मूलक का आग्नि परीक्षण के अनुसार वर्गीकरण व उनके आग्नि
11 नोट्स
8संकुल आयन का गुणात्मक विश्लेषण में महत्व एवं अनुपयोग
9 नोट्स
9प्रयोगशाला तकनीक (Laboratory Techniques)
9 नोट्स
10तत्त्व का परीक्षण (Detection of Elements)
10 नोट्स
11कार्यात्मक समूह के परीक्षण (Tests of Functional Groups)
10 नोट्स
12पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
वर्तमान
13सांद्रता (Viscosity)
9 नोट्स
14रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics)
10 नोट्स
15वितरण गुणांक [Distribution (Partition) Coefficient]
9 नोट्स