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सांद्रता (Viscosity)

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Practical Chemistry (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

सांद्रता (Viscosity) — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

10.1 प्रस्तावना

व्याख्या

10.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में सांद्रता (viscosity) की मूलभूत अवधारणा का परिचय दिया गया है। सांद्रता एक तरल की वह गुण है, जिसके कारण वह अपने भीतर प्रवाह के दौरान उत्पन्न आंतरिक घर्षण का विरोध करता है। जब कोई तरल बहता है, तो उसकी विभिन्न परतें एक-दूसरे के ऊपर से सरकती हैं। इन परतों के बीच आपसी बल के कारण प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होता है, जिसे सांद्रता कहते हैं। सांद्रता का अध्ययन रासायनिक अभिक्रियाओं, जैविक प्रक्रियाओं, और औद्योगिक अनुप्रयोगों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उदाहरण के लिए, रक्त की सांद्रता का अध्ययन चिकित्सा विज्ञान में किया जाता है, जबकि पेट्रोलियम उद्योग में कच्चे तेल की सांद्रता का मापन आवश्यक होता है।

  • सांद्रता तरल की प्रवाह का विरोध करने की प्रवृत्ति है।
  • तरल की परतों के बीच आंतरिक घर्षण के कारण सांद्रता उत्पन्न होती है।
  • सांद्रता का मापन पास्कल-सेकंड (Pa·s) या पॉइज़ (Poise) में किया जाता है।
  • सांद्रता का अध्ययन रासायनिक, जैविक, और औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।
  • सांद्रता तापमान के साथ घटती है।
  • गाढ़े तरल जैसे शहद की सांद्रता अधिक होती है।
  • 📌 सांद्रता: तरल की प्रवाह का विरोध करने की प्रवृत्ति।
  • 📌 आंतरिक घर्षण: तरल की परतों के बीच उत्पन्न बल।

10.2 सांद्रता का मात्रात्मक मापन

अवधारणा

10.2 सांद्रता का मात्रात्मक मापन

इस अनुभाग में सांद्रता के मात्रात्मक मापन की विधियों का विस्तार से वर्णन किया गया है। सांद्रता को परिभाषित करने के लिए न्यूटन के घर्षण नियम का उपयोग किया जाता है। यदि किसी तरल की दो परतों के बीच क्षेत्रफल A है और उनकी आपसी दूरी dx है, तो वेग में अंतर dv है। तब परतों के बीच बल F = η × A × (dv/dx) होता है, जहाँ η सांद्रता गुणांक है। सांद्रता का मात्रात्मक मापन करने के लिए विभिन्न यंत्रों का प्रयोग किया जाता है, जैसे- कैपिलरी विस्कोमीटर, ओस्टवाल्ड विस्कोमीटर आदि।

  • सांद्रता का मात्रात्मक मापन न्यूटन के घर्षण नियम से किया जाता है।
  • सांद्रता गुणांक (η) का मात्रक पास्कल-सेकंड (Pa·s) है।
  • मापन के लिए कैपिलरी विस्कोमीटर का प्रयोग किया जाता है।
  • सांद्रता का मापन तापमान के नियंत्रण में किया जाता है।
  • सांद्रता का मान जितना अधिक, तरल उतना ही गाढ़ा।
  • 📌 सांद्रता गुणांक (η): तरल की सांद्रता को दर्शाने वाला मात्रक।
  • 📌 कैपिलरी विस्कोमीटर: तरल की सांद्रता मापने का यंत्र।

10.3 न्यूटन का घर्षण नियम

सूत्र

10.3 न्यूटन का घर्षण नियम

इस अनुभाग में न्यूटन के घर्षण नियम की विस्तार से व्याख्या की गई है। न्यूटन के अनुसार, किसी तरल की दो परतों के बीच उत्पन्न बल (F) सीधे तौर पर परतों के क्षेत्रफल (A) और वेग प्रवणता (dv/dx) के अनुक्रमानुपाती होता है। इस नियम को निम्न प्रकार से लिखा जाता

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