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वितरण गुणांक [Distribution (Partition) Coefficient]

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Practical Chemistry (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

वितरण गुणांक [Distribution (Partition) Coefficient] — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 परिचय

व्याख्या

12.1 परिचय

इस अनुभाग में वितरण गुणांक (Distribution Coefficient) की मूल अवधारणा को समझाया गया है। वितरण गुणांक वह अनुपात है, जिसमें कोई पदार्थ दो अवयवों (अर्थात् दो अपरस्पर मिश्रणशील द्रवों) के बीच विभाजित होता है। जब कोई पदार्थ दो अपरस्पर मिश्रणशील द्रवों के संपर्क में आता है, तो वह दोनों में विभाजित हो जाता है और एक निश्चित तापमान पर दोनों द्रवों में उसकी सांद्रता का अनुपात स्थिर रहता है। इसे ही वितरण गुणांक कहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आयोडीन को जल और कार्बन टेट्राक्लोराइड के मिश्रण में मिलाया जाए, तो आयोडीन दोनों द्रवों में विभाजित हो जाता है। इस प्रक्रिया का महत्व रासायनिक विश्लेषण, निष्कर्षण (Extraction), और औद्योगिक प्रक्रियाओं में है।

  • वितरण गुणांक दो अपरस्पर मिश्रणशील द्रवों के बीच पदार्थ के विभाजन का अनुपात है।
  • यह अनुपात एक निश्चित तापमान पर स्थिर रहता है।
  • वितरण गुणांक का प्रयोग निष्कर्षण और विश्लेषण में होता है।
  • यह गुणांक पदार्थ की विलेयता पर निर्भर करता है।
  • वितरण गुणांक का निर्धारण प्रयोगशाला में किया जा सकता है।
  • 📌 वितरण गुणांक: दो अपरस्पर मिश्रणशील द्रवों में पदार्थ की सांद्रता का स्थिर अनुपात।
  • 📌 निष्कर्षण: किसी पदार्थ को एक द्रव से दूसरे द्रव में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया।

12.2 वितरण नियम (Distribution Law)

अवधारणा

12.2 वितरण नियम (Distribution Law)

इस अनुभाग में वितरण नियम (Distribution Law) की व्याख्या की गई है। इस नियम को नर्न्स्ट (Nernst) ने प्रतिपादित किया था। नियम के अनुसार, जब कोई पदार्थ दो अपरस्पर मिश्रणशील द्रवों के संपर्क में आता है और दोनों में विभाजित होता है, तो एक निश्चित तापमान पर दोनों द्रवों में उस पदार्थ की सांद्रता का अनुपात स्थिर रहता है। यह नियम केवल तब लागू होता है जब पदार्थ दोनों द्रवों में एक ही रूप में उपस्थित हो। यदि पदार्थ किसी द्रव में आयनित हो जाता है या रासायनिक प्रतिक्रिया करता है, तो वितरण नियम लागू नहीं होता।

  • वितरण नियम को नर्न्स्ट ने प्रतिपादित किया।
  • नियम के अनुसार, दोनों द्रवों में पदार्थ की सांद्रता का अनुपात स्थिर रहता है।
  • यह नियम केवल तब लागू होता है जब पदार्थ दोनों द्रवों में एक ही रूप में हो।
  • यदि पदार्थ आयनित या रासायनिक रूप से परिवर्तित हो जाए, तो नियम लागू नहीं होता।
  • वितरण नियम का प्रयोग निष्कर्षण की प्रक्रिया में किया जाता है।
  • 📌 वितरण नियम: दो द्रवों में पदार्थ की सांद्रता का स्थिर अनुपात।
  • 📌 नर्न्स्ट: वितरण नियम के प्रतिपादक।

12.3 वितरण गुणांक की गणना

सूत्र

12.3 वितरण गुणांक की गणना

इस अनुभाग में वितरण गुणांक की गणना की विधि बताई गई है। वितरण गुणांक (K) को दो अपरस्पर मिश्रणशील द्रवों में पदार्थ की सांद्रता के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसके लिए दोनों द्रवों में पदार्थ की सांद्रता मापी जाती है और उनका अनुपात निकाला

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