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वलय (Rings) 159—186

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Algebra (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

वलय (Rings) 159—186 — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 वलय की परिभाषा और उदाहरण

परिभाषा

7.1 वलय की परिभाषा और उदाहरण

इस अनुभाग में वलय (Ring) की सटीक परिभाषा दी गई है। वलय एक ऐसी बीजगणितीय संरचना है जिसमें दो संक्रियाएँ होती हैं: योग (addition) और गुणा (multiplication)। वलय को एक समुच्चय R के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसमें दो बाइनरी संक्रियाएँ '+' और '×' परिभाषित होती हैं, जो निम्नलिखित गुणों को संतुष्ट करती हैं: 1. (R, +) एक एबेलियन समूह है। 2. गुणा संक्रिया (×) संघटनशील है। 3. गुणा संक्रिया योग पर वितरणशील है। वलय के उदाहरणों में पूर्णांक (ℤ), वास्तविक संख्याएँ (ℝ), और मैट्रिक्स वलय (n × n मैट्रिक्स) शामिल हैं। वलय की परिभाषा: एक समुच्चय R एक वलय कहलाता है यदि: (i) (R, +) एक एबेलियन समूह है। (ii) (R, ×) एक मोनॉइड है (संघटनशीलता और एकता)। (iii) गुणा संक्रिया योग पर वितरणशील है। इस अनुभाग में वलय के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं, जैसे: - पूर्णांक का वलय (ℤ) - वास्तविक संख्याओं का वलय (ℝ) - n × n मैट्रिक्स का वलय वलय की परिभाषा और उदाहरणों को समझने के लिए विद्यार्थियों को वलय के गुणों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए।

  • वलय में दो संक्रियाएँ होती हैं: योग और गुणा
  • वलय का समुच्चय (R, +) एबेलियन समूह होता है
  • गुणा संक्रिया संघटनशील होती है
  • गुणा संक्रिया योग पर वितरणशील होती है
  • पूर्णांक, वास्तविक संख्याएँ, मैट्रिक्स वलय के उदाहरण हैं
  • 📌 वलय: दो संक्रियाओं वाला समुच्चय, जो विशेष गुणों को संतुष्ट करता है
  • 📌 एबेलियन समूह: ऐसा समूह जिसमें संक्रिया कम्यूटेटिव होती है

7.2 वलय के गुण

अवधारणा

7.2 वलय के गुण

इस अनुभाग में वलय के महत्वपूर्ण गुणों की चर्चा की गई है। वलय की दो संक्रियाएँ (योग और गुणा) विशेष गुणों को संतुष्ट करती हैं: 1. योग संक्रिया: - संघटनशीलता: a + (b + c) = (a + b) + c - पहचान तत्व: एक तत्व 0, जिससे a + 0 = a - प्रतिलोम: प्रत्येक a के लिए एक -a, जिससे a + (-a) = 0 - कम्यूटेटिव: a + b = b + a 2. गुणा संक्रिया: - संघटनशीलता: a × (b × c) = (a × b) × c - वितरणशीलता: a × (b + c) = a × b + a × c और (a + b) × c = a × c + b × c वलय में गुणा संक्रिया कम्यूटेटिव नहीं होती, लेकिन कुछ वलय में होती है (कम्यूटेटिव वलय)। वलय में एकता तत्व (1) हो सकता है, जिससे a × 1 = a। NCERT में वलय के गुणों को उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया गया है।

  • वलय में योग संक्रिया एबेलियन समूह बनाती है
  • गुणा संक्रिया संघटनशील होती है
  • गुणा संक्रिया योग पर वितरणशील होती है
  • वलय में एकता तत्व (1) हो सकता है
  • गुणा संक्रिया कम्यूटेटिव नहीं होती
  • 📌 संघटनशीलता: संक्रिया का क्रम बदलने पर परिणाम वही रहता है
  • 📌 कम्यूटेटिव: संक्रिया का क्रम बदलने पर परिणाम वही रहता है

7.3 उपवलय (Subring)

परिभाषा

7.3 उपवलय (Subring)

इस अनुभाग में उपवलय (Subring) की परिभाषा और उसके गुणों की चर्चा की गई है। उपवलय वलय का एक उपसमुच्चय होता है, जो वलय की दोनों संक्रियाओं के लिए बंद होता है और वलय के सभी गुणों को संतुष्ट करता है। उपवलय की परिभाषा: यदि R एक वलय है और S उसका उपसमुच्चय

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1समूह, उपसमूह (Group Subgroup) 8—40
9 नोट्स
2समूह उपसमूह (Group, Subgroup)
8 नोट्स
3परमचय समूह, चय समूह (Permutation Group)
10 नोट्स
4सहकुलक, लेग्रेंज- प्रमेय (Cosets, Lagrange’s)
9 नोट्स
5समूह समाकारता (Group Homomorphism)
10 नोट्स
6सामान्य उपसमूह (Normal Subgroup)
9 नोट्स
7विभाग समूह एवं समाकारता की मूलभूत प्रमेय (Quotient)
9 नोट्स
8वलय (Rings) 159—186
वर्तमान
9पूर्णांक क्षेत्र एवं क्षेत्र (Integral Domains and Fields)
9 नोट्स
10वलय समाकारता एवं अंतःस्थापन (Ring Homomorphism)
10 नोट्स
11गुणज वलय एवं विभाजन वलय (Ideals and Quotient Rings)
8 नोट्स
12सदृश समुच्चय, उपसमुच्चय की परिभाषा, उदाहरण एवं
10 नोट्स
13सदृश का एकघात संचय, एकघाती स्वतंत्रता एवं आयतता
10 नोट्स
14सदृश समुच्चय का आधार, विभाजन एवं इनके उदाहरण, परिमित
8 नोट्स
15दो उपसमितियों का योग, उपसमितियों का अनुलोम योग एवं
8 नोट्स