Ch 7निःशुल्क

विभाग समूह एवं समाकारता की मूलभूत प्रमेय (Quotient)

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Algebra (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

विभाग समूह एवं समाकारता की मूलभूत प्रमेय (Quotient) — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

6.1 परिचय

व्याख्या

6.1 परिचय

इस अनुभाग में विभाग समूह (Quotient Group) और समाकारता (Isomorphism) की मूलभूत अवधारणाओं का परिचय दिया गया है। विभाग समूह का विचार समूह सिद्धांत में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें समूहों के उपसमूहों के सापेक्ष नए समूह बनाने की विधि प्रदान करता है। समाकारता का अर्थ है दो समूहों के बीच ऐसी संरचनात्मक समानता जो उनके तत्त्वों के बीच एक-एक और परस्पर-एक-एक संगतता स्थापित करती है। इस परिचय में बताया गया है कि किस प्रकार समूहों के गुणधर्मों को समझने के लिए विभाग समूह और समाकारता की अवधारणाएँ आवश्यक हैं। विभाग समूह के निर्माण के लिए हमें पहले सामान्य उपसमूह (Normal Subgroup) की आवश्यकता होती है। यदि H, G का सामान्य उपसमूह है, तो G/H विभाग समूह कहलाता है। समाकारता के माध्यम से हम दो समूहों की संरचना की तुल्यता का अध्ययन करते हैं।

  • विभाग समूह समूह सिद्धांत का एक केंद्रीय विषय है।
  • समाकारता दो समूहों की संरचनात्मक समानता को दर्शाता है।
  • विभाग समूह के निर्माण के लिए सामान्य उपसमूह आवश्यक है।
  • समूहों के गुणधर्मों के अध्ययन में विभाग समूह और समाकारता सहायक हैं।
  • समाकारता के माध्यम से समूहों की तुल्यता का निर्धारण किया जाता है।
  • 📌 विभाग समूह: समूह के उपसमूह के सापेक्ष बने नए समूह को विभाग समूह कहते हैं।
  • 📌 समाकारता: दो समूहों के बीच संरचनात्मक समानता को समाकारता कहते हैं।

6.2 विभाग समूह की परिभाषा

परिभाषा

6.2 विभाग समूह की परिभाषा

इस अनुभाग में विभाग समूह (Quotient Group) की औपचारिक परिभाषा दी गई है। यदि G कोई समूह है और H उसका सामान्य उपसमूह है, तो G/H विभाग समूह कहलाता है। G/H के तत्त्व G के बाएँ कॉसैट्स होते हैं। विभाग समूह में संचालित क्रिया निम्न प्रकार से परिभाषित होती है: (aH) × (bH) = (ab)H, जहाँ a, b ∈ G। विभाग समूह के तत्त्वों की संख्या G के तत्त्वों की संख्या को H के तत्त्वों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त होती है। विभाग समूह का निर्माण तभी संभव है जब H, G का सामान्य उपसमूह हो।

  • विभाग समूह के तत्त्व G के कॉसैट्स होते हैं।
  • विभाग समूह की संचालित क्रिया: (aH) × (bH) = (ab)H।
  • विभाग समूह के निर्माण के लिए H का सामान्य उपसमूह होना आवश्यक है।
  • G/H के तत्त्वों की संख्या = |G| ÷ |H|।
  • विभाग समूह समूह के सभी गुणधर्मों का पालन करता है।
  • 📌 कॉसैट: G के तत्त्व a के लिए aH = {ah: h ∈ H}।
  • 📌 सामान्य उपसमूह: H, G का उपसमूह है और gH = Hg ∀ g ∈ G।

6.3 विभाग समूह के गुणधर्म

अवधारणा

6.3 विभाग समूह के गुणधर्म

इस अनुभाग में विभाग समूह के मुख्य गुणधर्मों का विस्तार से वर्णन किया गया है। विभाग समूह G/H भी एक समूह होता है, जिसमें तत्त्व G के कॉसैट्स होते हैं और संचालित क्रिया (aH) × (bH) = (ab)H होती है। विभाग समूह में तटस्थ तत्त्व H होता है, और प्रत्येक तत्त

SLM - Algebra (Hindi) के सभी 15 अध्याय

Algebra · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1समूह, उपसमूह (Group Subgroup) 8—40
12 नोट्स
2समूह उपसमूह (Group, Subgroup)
11 नोट्स
3परमचय समूह, चय समूह (Permutation Group)
8 नोट्स
4सहकुलक, लेग्रेंज- प्रमेय (Cosets, Lagrange’s)
9 नोट्स
5समूह समाकारता (Group Homomorphism)
8 नोट्स
6सामान्य उपसमूह (Normal Subgroup)
9 नोट्स
7विभाग समूह एवं समाकारता की मूलभूत प्रमेय (Quotient)
वर्तमान
8वलय (Rings) 159—186
10 नोट्स
9पूर्णांक क्षेत्र एवं क्षेत्र (Integral Domains and Fields)
10 नोट्स
10वलय समाकारता एवं अंतःस्थापन (Ring Homomorphism)
9 नोट्स
11गुणज वलय एवं विभाजन वलय (Ideals and Quotient Rings)
8 नोट्स
12सदृश समुच्चय, उपसमुच्चय की परिभाषा, उदाहरण एवं
10 नोट्स
13सदृश का एकघात संचय, एकघाती स्वतंत्रता एवं आयतता
10 नोट्स
14सदृश समुच्चय का आधार, विभाजन एवं इनके उदाहरण, परिमित
8 नोट्स
15दो उपसमुच्चयों का योग, उपसमुच्चयों का अनुक्रम योग एवं
8 नोट्स