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परमचय समूह, चय समूह (Permutation Group)

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Algebra (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट

परमचय समूह, चय समूह (Permutation Group) — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

2.1 परिचय

व्याख्या

2.1 परिचय

इस अनुभाग में परमचय (Permutation) और चय (Combination) के समूह की अवधारणा का परिचय दिया गया है। परमचय का अर्थ है किसी वस्तु समूह के तत्वों की व्यवस्था या क्रम बदलना। जब हम किसी समूह के तत्वों को पुनः व्यवस्थित करते हैं, तो उसे परमचय कहते हैं। चय समूह में, हम वस्तुओं का चयन करते हैं, लेकिन उनका क्रम मायने नहीं रखता। इस अध्याय में मुख्य रूप से परमचय समूह पर चर्चा की गई है, जिसमें समूह के गुण, संरचना, और उनके गणितीय महत्व को समझाया गया है। परमचय समूह का अध्ययन करने से हमें गणितीय संरचनाओं, जैसे समूह, उपसमूह, और समुच्चय के सिद्धांतों को समझने में सहायता मिलती है।

  • परमचय का अर्थ है वस्तुओं के क्रम को बदलना।
  • चय का अर्थ है वस्तुओं का चयन करना, क्रम मायने नहीं रखता।
  • परमचय समूह गणित में महत्वपूर्ण संरचना है।
  • इस अध्याय में परमचय समूह के गुणों का अध्ययन किया जाएगा।
  • समूह के सिद्धांतों का उपयोग परमचय समूह में होता है।
  • 📌 परमचय: वस्तुओं के क्रम को बदलने की प्रक्रिया।
  • 📌 चय: वस्तुओं का चयन, जिसमें क्रम मायने नहीं रखता।
  • 📌 समूह: एक गणितीय संरचना जिसमें एक बाइनरी ऑपरेशन होता है।

2.2 परमचय समूह की परिभाषा

परिभाषा

2.2 परमचय समूह की परिभाषा

परमचय समूह की परिभाषा के अनुसार, यदि S एक समुच्चय है जिसमें n तत्व हैं, तो S के सभी परमचय एक समूह बनाते हैं। इस समूह को स्न (Symmetric Group) कहा जाता है। स्न समूह में n तत्वों के सभी संभावित क्रम-परिवर्तन शामिल होते हैं। परमचय समूह में दो परमचय का संयोजन (Composition) भी एक परमचय होता है। समूह के चार मुख्य गुण होते हैं: बंदता, संघटन, पहचान, और प्रतिलोपी तत्व। स्न समूह में ये सभी गुण विद्यमान होते हैं।

  • परमचय समूह स्न कहलाता है।
  • स्न समूह में n तत्वों के सभी परमचय शामिल होते हैं।
  • समूह के चार गुण: बंदता, संघटन, पहचान, प्रतिलोपी।
  • परमचय का संयोजन भी परमचय होता है।
  • 📌 स्न समूह: n तत्वों के सभी परमचय का समूह।
  • 📌 संयोजन: दो परमचय को मिलाकर नया परमचय बनाना।
  • 📌 बंदता: समूह में किसी भी दो तत्वों का संयोजन समूह में ही रहता है।

2.3 परमचय समूह के गुण

अवधारणा

2.3 परमचय समूह के गुण

परमचय समूह के चार मुख्य गुण होते हैं: बंदता, संघटन, पहचान तत्व, और प्रतिलोपी तत्व। बंदता का अर्थ है कि समूह के किसी भी दो परमचय का संयोजन भी समूह में ही रहता है। संघटन का अर्थ है कि परमचय का संयोजन संघटनशील होता है, अर्थात (σ × τ) × ρ = σ × (τ × ρ)।

SLM - Algebra (Hindi) के सभी 15 अध्याय

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विषय पृष्ठ →
1समूह, उपसमूह (Group Subgroup) 8—40
12 नोट्स
2समूह उपसमूह (Group, Subgroup)
11 नोट्स
3परमचय समूह, चय समूह (Permutation Group)
वर्तमान
4सहकुलक, लेग्रेंज- प्रमेय (Cosets, Lagrange’s)
9 नोट्स
5समूह समाकारता (Group Homomorphism)
8 नोट्स
6सामान्य उपसमूह (Normal Subgroup)
9 नोट्स
7विभाग समूह एवं समाकारता की मूलभूत प्रमेय (Quotient)
9 नोट्स
8वलय (Rings) 159—186
10 नोट्स
9पूर्णांक क्षेत्र एवं क्षेत्र (Integral Domains and Fields)
10 नोट्स
10वलय समाकारता एवं अंतःस्थापन (Ring Homomorphism)
9 नोट्स
11गुणज वलय एवं विभाजन वलय (Ideals and Quotient Rings)
8 नोट्स
12सदृश समुच्चय, उपसमुच्चय की परिभाषा, उदाहरण एवं
10 नोट्स
13सदृश का एकघात संचय, एकघाती स्वतंत्रता एवं आयतता
10 नोट्स
14सदृश समुच्चय का आधार, विभाजन एवं इनके उदाहरण, परिमित
8 नोट्स
15दो उपसमुच्चयों का योग, उपसमुच्चयों का अनुक्रम योग एवं
8 नोट्स