कार्बन एवं उसके यौगिक
कार्बन एवं उसके यौगिक — अध्ययन नोट्स
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कार्बन एवं उसके यौगिक
व्याख्याकार्बन एवं उसके यौगिक
कार्बन तत्व प्रकृति में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जीवन के लिए आवश्यक सभी यौगिकों का आधार है। हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं में कार्बन यौगिकों की व्यापक उपस्थिति है। कार्बन की परमाणु संख्या 6 है, और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 है, जिसका अर्थ है कि इसकी बाहरी कक्षा में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसलिए, कार्बन की संयोजकता चार होती है, अर्थात् यह चार अन्य परमाणुओं से सहसंयोजी आबंध बना सकता है। कार्बन के ये चार संयोजकता इलेक्ट्रॉन इसे अत्यंत स्थायी और विविध यौगिक बनाने में सक्षम बनाते हैं। कार्बन के यौगिकों की संरचना में कार्बन परमाणु एक-दूसरे से जुड़कर लंबी शृंखलाएं, शाखाएं या वलय (रिंग) बना सकते हैं। कार्बन के साथ-साथ हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, क्लोरीन आदि तत्व भी कार्बन यौगिकों में पाए जाते हैं। इस अध्याय में हम कार्बन के यौगिकों की संरचना, उनके भौतिक एवं रासायनिक गुण, तथा उनके उपयोगों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। **Table on page 1 (2×3)** | धातु से बनी वस्तुएँ | काँच अथवा मिट्टी से बनी वस्तुएँ | अंत्य | | --- | --- | --- | | | | | **Table on page 2 (5×3)** | यौगिक | गलनांक (K) | क्वथनांक (K) | | --- | --- | --- | | एसीटिक एसिड (CH₃COOH) | 290 | 391 | | क्लोरोफॉर्म (CHCl₃) | 209 | 334 | | एथेनॉल (CH₂CH₂OH) | 156 | 351 | | मेथेन (CH₃) | 90 | 111 |
- कार्बन की संयोजकता चार होती है, जिससे यह चार अन्य परमाणुओं से बंध बना सकता है।
- कार्बन के यौगिकों में कार्बन परमाणु लंबी शृंखलाएं, शाखाएं या वलय बना सकते हैं।
- कार्बन यौगिकों में हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, क्लोरीन जैसे तत्व भी उपस्थित होते हैं।
- कार्बन यौगिकों का उपयोग जीवन के लिए आवश्यक वस्तुओं में होता है।
- 📌 संयोजकता: किसी परमाणु की अन्य परमाणुओं से जुड़ने की क्षमता।
- 📌 सहसंयोजी आबंध: दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनने वाला बंध।
- 📌 शृंखलन: कार्बन परमाणुओं का एक-दूसरे से जुड़कर लंबी श्रृंखला बनाना।
4.1 कार्बन में आबंधन– सहसंयोजी आबंध
व्याख्या4.1 कार्बन में आबंधन– सहसंयोजी आबंध
कार्बन के परमाणु में चार संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो इसे चार अन्य परमाणुओं से सहसंयोजी आबंध बनाने में सक्षम बनाते हैं। सहसंयोजी आबंध में दो परमाणु अपने बाहरी कक्षा के इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करते हैं, जिससे दोनों परमाणु उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त करते हैं। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन के दो परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करके H₂ अणु बनाते हैं, जिसमें दोनों परमाणु हीलियम के समान दो इलेक्ट्रॉन वाले विन्यास को प्राप्त करते हैं। इसी प्रकार क्लोरीन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन के अणुओं में क्रमशः एकल, द्वि और त्रि आबंध होते हैं। कार्बन के यौगिकों में भी सहसंयोजी आबंध होते हैं, जैसे मेथेन (CH₄) में कार्बन चार हाइड्रोजन परमाणुओं से चार एकल बंध बनाता है। सहसंयोजी आबंध वाले यौगिकों के क्वथनांक और गलनांक आयनिक यौगिकों की तुलना में कम होते हैं क्योंकि इनके बीच आंतराण्विक बल कमज़ोर होते हैं। ऐसे यौगिक सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं।
- सहसंयोजी आबंध में दो परमाणु अपने संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करते हैं।
- हाइड्रोजन अणु H₂ में एकल बंध होता है।
- ऑक्सीजन अणु O₂ में द्वि बंध होता है।
- नाइट्रोजन अणु N₂ में त्रि बंध होता है।
- मेथेन (CH₄) में कार्बन चार हाइड्रोजन से एकल बंध बनाता है।
- सहसंयोजी यौगिकों के क्वथनांक और गलनांक कम होते हैं और ये विद्युत के कुचालक होते हैं।
- 📌 सहसंयोजी आबंध: दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन की साझेदारी से बनने वाला बंध।
- 📌 एकल बंध: एक इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी।
- 📌 द्वि बंध: दो इलेक्ट्रॉन युग्मों की साझेदारी।
कार्बन के अपरूप
व्याख्याकार्बन के अपरूप
कार्बन तत्व प्रकृति में विभिन्न भौतिक रूपों में पाया जाता है, जिन्हें कार्बन के अपरूप कहा जाता है। हीरा और प्रेफ्राइट (ग्रेफाइट) कार्बन के दो प्रमुख अपरूप हैं। हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजी एकल बंध बनाकर एक कठोर
अभ्यास प्रश्न — कार्बन एवं उसके यौगिक
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.उदासीन विलयन का pH _______ होता है।
उत्तर:
7
व्याख्या:
[{"id": "5d326b05-f798-43e9-b376-53a1a3418db7", "type": "html", "value": " उदासीन विलयन का pH 7 होता है। "}]
Q2.कौन सा अधिक अम्लीय है: pH = 2 का विलयन या pH = 6 का विलयन?
उत्तर:
pH 2
व्याख्या:
[{"id": "c3bdcb09-d2fe-43a5-9726-506ebe612481", "type": "html", "value": " pH जितना कम होगा, अम्लीय शक्ति उतनी ही अधिक होगी। "}]
Q3.कौन सा अधिक क्षारकीय (या अधिक क्षारीय) है: pH = 8 का विलयन या pH = 11 का विलयन?
उत्तर:
pH 11
व्याख्या:
[{"id": "82dfb469-07d1-4475-a7a6-cf0c7aca565c", "type": "html", "value": " pH जितना अधिक होगा, क्षारकीय शक्ति उतनी ही अधिक होगी। "}]
Q4.उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने pH स्केल विकसित किया।
उत्तर:
सोरेनसेन
व्याख्या:
[{"id": "329339a8-0e59-4fff-98d2-14d7b5762d02", "type": "html", "value": " सोरेनसेन वह वैज्ञानिक थे जिन्होंने pH विकसित किया। "}]
Q5.उस सूचक का नाम बताइए जो हमें इसका अनुमान दे सकता है कि निम्नलिखित अम्ल या क्षारक कितना प्रबल या दुर्बल है।
उत्तर:
सार्वत्रिक सूचक (Universal indicator)
व्याख्या:
[{"id": "16bcefeb-a0f0-489b-9ec0-ec15f8e290ae", "type": "html", "value": " सार्वत्रिक सूचक हमें अम्ल या क्षारक की प्रबलता का अनुमान देता है। "}]
Q6.अपवर्तन के पश्चात, प्रकाश किरण अपना पथ परिवर्तित नहीं करती है जब _______।
उत्तर:
यह लेंस के प्रकाशिक केंद्र से होकर पारित हो रही है
व्याख्या:
[{"id": "743ed8e4-ba85-421e-8ebe-4b73abd77fe6", "type": "html", "value": " लेंस के प्रकाशिक केंद्र से पारित होने पर प्रकाश की किरण विक्षेपित नहीं होती है। "}]
Q7.अवतल लेंस से प्रकाश की किरण पारित होने पर अपवर्तन की परिघटना कितनी बार होती है?
उत्तर:
2
व्याख्या:
[{"id": "409c47f1-0069-408b-8585-e71dd697d801", "type": "html", "value": " अपवर्तन लेंस की दो पृष्ठों पर संपादित होता है। "}]
Q8.एक टॉर्च प्रकाश को एक बिंदु पर अभिसारित करता है। इसके पीछे क्या कारण हो सकता है?
उत्तर:
एक उत्तल लेंस का उपयोग किया गया हो
व्याख्या:
[{"id": "69b4a516-66eb-429f-a1af-15369f554979", "type": "html", "value": " उत्तल लेंस प्रकाश को एक बिंदु पर अभिसारित करता है। अवतल लेंस के स्थान पर टॉर्च में उत्तल लेंस का उपयोग किया गया होगा। "}]
Vigyan के सभी 13 अध्याय
Science · Class 10