अम्ल, क्षारक एवं लवण
अम्ल, क्षारक एवं लवण — अध्ययन नोट्स
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अम्ल, क्षारक एवं लवण का परिचय
व्याख्याअम्ल, क्षारक एवं लवण का परिचय
हमने अपनी पिछली कक्षाओं में जाना है कि भोजन का खट्टा स्वाद अम्लों के कारण होता है और कड़वा स्वाद क्षारकों के कारण। अम्ल वे पदार्थ होते हैं जो जल में घुलने पर हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न करते हैं, जिससे उनका विलयन अम्लीय हो जाता है। क्षारक वे पदार्थ होते हैं जो जल में घुलने पर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) उत्पन्न करते हैं, जिससे उनका विलयन क्षारीय होता है। अम्ल और क्षारक एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी को अम्लता की समस्या हो तो क्षारक जैसे बेकिंग सोडा का उपयोग अम्ल को उदासीन करने के लिए किया जाता है। अम्ल और क्षारक की पहचान के लिए लिटमस कागज का उपयोग किया जाता है। अम्ल लाल लिटमस कागज को नीला कर देते हैं जबकि क्षारक नीले लिटमस कागज को लाल कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, हल्दी भी एक प्राकृतिक सूचक है जो अम्ल और क्षारक की उपस्थिति को सूचित करता है। अम्लों का स्वाद खट्टा होता है और क्षारकों का स्वाद कड़वा होता है। इस अध्याय में हम अम्ल, क्षारक और लवण की रासायनिक अभिक्रियाओं, उनके गुणों, तथा दैनिक जीवन में उनके उपयोगों का अध्ययन करेंगे। साथ ही, हम विभिन्न सूचकों के माध्यम से अम्ल और क्षारक की पहचान करना सीखेंगे।
- अम्ल जल में H⁺ आयन उत्पन्न करते हैं, जिससे विलयन अम्लीय होता है।
- क्षारक जल में OH⁻ आयन उत्पन्न करते हैं, जिससे विलयन क्षारीय होता है।
- अम्ल लाल लिटमस कागज को नीला और क्षारक नीले लिटमस कागज को लाल कर देते हैं।
- अम्ल और क्षारक एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं।
- हल्दी और लिटमस प्राकृतिक सूचक हैं जो अम्ल-क्षारक की उपस्थिति दिखाते हैं।
- 📌 अम्ल: जल में घुलकर H⁺ आयन उत्पन्न करने वाले पदार्थ।
- 📌 क्षारक: जल में घुलकर OH⁻ आयन उत्पन्न करने वाले पदार्थ।
- 📌 लवण: अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से बनने वाले यौगिक।
2.1 अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
व्याख्या2.1 अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
इस अनुभाग में हम अम्ल और क्षारक के रासायनिक गुणों को प्रयोगशाला में किए गए विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से समझेंगे। अम्ल और क्षारक की पहचान के लिए विभिन्न सूचक जैसे लाल लिटमस, नीला लिटमस, फीनॉल्फ्थेलिन और मेथिल ऑरेंज का उपयोग किया जाता है। अम्ल लाल लिटमस को नीला और क्षारक नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। अम्ल और क्षारक की गंध भी उनकी प्रकृति को सूचित करती है। उदाहरण के लिए, प्याज और वैनिला तेल का उपयोग गंधीय सूचक के रूप में किया जा सकता है। अम्लीय और क्षारीय विलयन में इनकी गंध में परिवर्तन होता है, जिससे अम्ल या क्षारक की उपस्थिति का पता चलता है। अम्ल और क्षारक धातुओं के साथ भी अभिक्रिया करते हैं। अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं और संगत लवण बनाते हैं। उदाहरण के लिए, सल्फ्यूरिक अम्ल और जिंक के बीच अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है। क्षारक भी कुछ धातुओं के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं, जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड और जिंक की अभिक्रिया। धातु कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट अम्ल के साथ अभिक्रिया करके लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल उत्पन्न करते हैं। जैसे सोडियम कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया। अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से लवण और जल बनते हैं, जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। धात्विक ऑक्साइड अम्ल के साथ अभिक्रिया कर लवण और जल बनाते हैं, जबकि अधात्विक ऑक्साइड क्षारक के साथ अभिक्रिया करते हैं।
- अम्ल और क्षारक विभिन्न सूचकों के रंग को बदलकर अपनी उपस्थिति दिखाते हैं।
- अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस और लवण बनाते हैं।
- क्षारक भी कुछ धातुओं के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
- धातु कार्बोनेट और हाइड्रोजनकार्बोनेट अम्ल के साथ अभिक्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड, जल और लवण बनाते हैं।
- अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से लवण और जल बनते हैं, जिसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
- धात्विक ऑक्साइड अम्ल के साथ अभिक्रिया कर लवण और जल बनाते हैं।
- 📌 उदासीनीकरण अभिक्रिया: अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया जिससे लवण और जल बनते हैं।
- 📌 गंधीय सूचक: ऐसे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है।
- 📌 धात्विक ऑक्साइड: क्षारक प्रकृति वाले ऑक्साइड जो अम्ल के साथ अभिक्रिया करते हैं।
2.2 सभी अम्लों एवं क्षारकों में क्या समानताएँ हैं?
व्याख्या2.2 सभी अम्लों एवं क्षारकों में क्या समानताएँ हैं?
इस खंड में हम अम्लों और क्षारकों के सामान्य गुणों की चर्चा करेंगे। सभी अम्लों में हाइड्रोजन होता है, जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न करता है। इसी कारण अम्लीय विलयन विद्युत का संचालन करते हैं। उदाहरण के लिए, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सल्
अभ्यास प्रश्न — अम्ल, क्षारक एवं लवण
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.जल में घुलनशील क्षारक _________ कहलाते हैं।
उत्तर:
क्षार (alkalis)
व्याख्या:
[{"id": "fdab909a-a8c0-4276-9c48-840b9a90b3f1", "type": "html", "value": " जल में घुलनशील क्षारक क्षार कहलाते हैं। "}]
Q2.सभी अम्लों में _________ उभयनिष्ठ हैं।
उत्तर:
हाइड्रोजन आयन
व्याख्या:
[{"id": "c7efbe1f-b84e-4b5b-b163-1ad30cb705b8", "type": "html", "value": " सभी अम्लों में (H⁺) हाइड्रोजन आयन उभयनिष्ठ होते हैं। "}]
Q3.सभी क्षारकों के गुणधर्म समान होते हैं कारण उनमें _________ होता है।
उत्तर:
उभयनिष्ठ हाइड्रॉक्सिल आयन
व्याख्या:
[{"id": "0b7485a9-c159-45db-a09b-804a43fe1b10", "type": "html", "value": " इसका कारण यह है कि सभी क्षारकों में हाइड्रॉक्सिल आयन उभयनिष्ठ होते हैं। "}]
Q4.जब कोई अम्ल उदासीन हो जाता है, तो (H⁺) हाइड्रोजन आयनों का क्या होता है?
उत्तर:
(H⁺) हाइड्रोजन आयन (OH⁻) ह्यड्रोक्साइड आयनों के साथ संचयित हो जाते हैं।
व्याख्या:
[{"id": "25c7ca2c-b2f0-445d-bd09-18f966c273ca", "type": "html", "value": " जब भी अम्ल को उदासीन किया जाता है, तो इसके (H⁺) हाइड्रोजन आयन (OH⁻) ह्यड्रोक्साइड आयनों के साथ संचयित हो जाते हैं। "}]
Q5.अम्ल को उदासीन करने पर विलयन के तापमान पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
तापमान बढ़ जाता है
व्याख्या:
[{"id": "36b49b0d-748b-42eb-b439-a04bb1e04ffa", "type": "html", "value": " उदासीनीकरण अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी (exothermic) होती है, अतः तापमान बढ़ जाता है। "}]
Q6.अम्लों में मिथाइल ऑरेंज सूचक ________ देता है।
उत्तर:
लाल रंग
व्याख्या:
[{"id": "cb7972fb-bd81-4164-b27a-fb34c204206f", "type": "html", "value": " मिथाइल ऑरेंज अम्ल में लाल रंग और क्षारक में पीला रंग देता है। "}]
Q7.क्षारक माध्यम में फेनोल्फथेलिन का रंग ___________ होता है।
उत्तर:
हल्का गुलाबी
व्याख्या:
[{"id": "eb6d269b-3fa5-44b9-a18c-9b3e04e210c1", "type": "html", "value": " फीनॉल्फथेलिन रंगहीन विलयन है। यह अम्लों में रंगहीन रहता है और क्षारों में हल्का गुलाबी हो जाता है। "}]
Q8.जठराम्ल (आमाशय रस)(Gastric juice) में HCl (हाइड्रोक्लोरिक) होता है जो ___________ का उदाहरण है।
उत्तर:
अम्ल
व्याख्या:
[{"id": "79b5dfb8-506c-46da-93e7-4692682cffad", "type": "html", "value": " जठराम्ल (आमाशय रस) में जो अम्ल होता है वह हाइड्रोक्लोरिक अम्ल होता है। "}]
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Science · Class 10