Ch 12निःशुल्क

अकबर – मुगल साम्राज्य का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1200-1740 AD) (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट

अकबर – मुगल साम्राज्य का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 अकबर का प्रारंभिक जीवन एवं सिंहासनारोहण

व्याख्या

12.1 अकबर का प्रारंभिक जीवन एवं सिंहासनारोहण

अकबर का जन्म 1542 ई. में अमरकोट (वर्तमान सिंध, पाकिस्तान) में हुआ था। उसके पिता हुमायूँ थे, जो मुगल साम्राज्य के दूसरे शासक थे। हुमायूँ की मृत्यु के समय अकबर मात्र 13 वर्ष का था। 1556 ई. में हुमायूँ की मृत्यु के पश्चात् अकबर को दिल्ली के सिंहासन पर बैठाया गया। अकबर के संरक्षक बैरम खाँ ने उसकी आरंभिक शासन व्यवस्था संभाली। इस समय भारत में अफगान, राजपूत, और अन्य क्षेत्रीय शक्तियाँ सक्रिय थीं। अकबर के सिंहासनारोहण के समय साम्राज्य की स्थिति अस्थिर थी, क्योंकि हुमायूँ की मृत्यु के तुरंत बाद अफगान शासक हेमू ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया था। अकबर ने पानीपत की दूसरी लड़ाई (1556) में हेमू को पराजित किया और दिल्ली तथा आगरा पर पुनः अधिकार स्थापित किया। इस प्रकार अकबर का प्रारंभिक जीवन संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन उसने अपने संरक्षक बैरम खाँ की सहायता से मुगल साम्राज्य की नींव को मजबूत किया।

  • अकबर का जन्म 1542 ई. में अमरकोट में हुआ।
  • हुमायूँ की मृत्यु के बाद अकबर 13 वर्ष की आयु में सिंहासन पर बैठा।
  • बैरम खाँ ने अकबर के प्रारंभिक शासन में मार्गदर्शन किया।
  • पानीपत की दूसरी लड़ाई (1556) में हेमू को पराजित किया गया।
  • अकबर का प्रारंभिक शासन संघर्षपूर्ण था।
  • दिल्ली और आगरा पर पुनः मुगल अधिकार स्थापित हुआ।
  • 📌 सिंहासनारोहण: राजा के पद पर बैठने की प्रक्रिया।
  • 📌 बैरम खाँ: अकबर का संरक्षक और सेनापति।
  • 📌 हेमू: अफगान शासक जिसने दिल्ली पर कब्जा किया था।

12.2 मुगल साम्राज्य का विस्तार: प्रमुख विजय अभियान

व्याख्या

12.2 मुगल साम्राज्य का विस्तार: प्रमुख विजय अभियान

अकबर ने अपने शासनकाल में मुगल साम्राज्य का विस्तार विभिन्न क्षेत्रों में किया। उसने पंजाब, दिल्ली, आगरा, राजस्थान, गुजरात, बंगाल, बिहार, और मध्य भारत के कई हिस्सों पर विजय प्राप्त की। अकबर ने राजपूतों के साथ मित्रता स्थापित की और कई राजपूत राज्यों को अपने अधीन किया। उसने चित्तौड़ (1568), रणथंभौर (1569), और गुजरात (1573) पर विजय प्राप्त की। बंगाल पर 1576 में कब्जा किया गया। अकबर ने विजय के बाद स्थानीय शासकों को सम्मान और प्रशासन में भागीदारी दी। उसने दक्षिण भारत में भी विस्तार की कोशिश की, लेकिन मुख्य रूप से उत्तर और पश्चिम भारत में उसकी विजय अभियान सफल रहे।

  • अकबर ने पंजाब, दिल्ली, आगरा, राजस्थान, गुजरात, बंगाल आदि क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की।
  • राजपूतों के साथ मित्रता और विवाह संबंध स्थापित किए।
  • चित्तौड़, रणथंभौर, गुजरात, बंगाल पर विजय अभियान चलाए।
  • स्थानीय शासकों को प्रशासन में भागीदारी दी गई।
  • दक्षिण भारत में विस्तार की कोशिश की गई।
  • साम्राज्य का विस्तार मुख्यतः उत्तर और पश्चिम भारत में हुआ।
  • 📌 विजय अभियान: किसी क्षेत्र को जीतने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान।
  • 📌 राजपूत नीति: राजपूतों के साथ मित्रता और विवाह संबंध स्थापित करने की नीति।

12.3 राजपूत नीति और साम्राज्य की सुदृढ़ीकरण

अवधारणा

12.3 राजपूत नीति और साम्राज्य की सुदृढ़ीकरण

अकबर ने राजपूतों के साथ मित्रता और सहयोग की नीति अपनाई। उसने कई राजपूत राजाओं के साथ विवाह संबंध स्थापित किए, जिससे राजपूतों की शक्ति को अपने पक्ष में किया। अकबर ने राजपूतों को प्रशासन में उच्च पद दिए और उन्हें साम्राज्य के महत्वपूर्ण मामलों में भागी

SLM - History of India (1200-1740 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय

History of India (1200-1740 AD) · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1भारतीय इतिहास के स्रोत
10 नोट्स
2तुर्क आक्रमण के समय भारत की स्थिति, दिल्ली सल्तनत की स्थापना
9 नोट्स
3खिलजी साम्राज्यवाद
10 नोट्स
4खिलजी राज्य व्यवस्था, बाजार नियंत्रण एवं सैन्य सुधार
9 नोट्स
5मुहम्मद बिन तुगलक – नीतियाँ एवं प्रशासनिक प्रयास
10 नोट्स
6फिरोजशाह तुगलक – शासन एवं धार्मिक नीति
11 नोट्स
7क्षेत्रीय राज्य का उदय – बंगाल, जौनपुर, मालवा व गुजरात
11 नोट्स
8दक्षिण भारत – बहमनी और विजयनगर साम्राज्य
11 नोट्स
9सल्तनतकालीन अर्थव्यवस्था, समाज एवं कुलीन वर्ग
9 नोट्स
10मुगल साम्राज्य की स्थापना : बाबर और हुमायूँ
9 नोट्स
11शेरशाह एवं उसका शासन
10 नोट्स
12अकबर – मुगल साम्राज्य का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण
वर्तमान
13जहांगीर : मुगल दरबार में नूरजहां की भूमिका
9 नोट्स
14शाहजहां : दक्खन, मध्य एशिया एवं ईरान से संबंध
10 नोट्स
15औरंगजेब : दक्खन, नीति, मुगल साम्राज्य का पतन और उत्तर
9 नोट्स

5 और अध्याय — सभी देखें →