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मांग एवं पूर्ति की लोच की अवधारणा एवं मापन, आय लोच, क्रॉस लोच

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Micro Economic Theory (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

मांग एवं पूर्ति की लोच की अवधारणा एवं मापन, आय लोच, क्रॉस लोच — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

8.1 मांग की लोच की अवधारणा

अवधारणा

8.1 मांग की लोच की अवधारणा

मांग की लोच (Elasticity of Demand) एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जो बताती है कि किसी वस्तु की मांग में कितनी मात्रा में परिवर्तन होता है जब उसकी कीमत, उपभोक्ता की आय या संबंधित वस्तुओं की कीमत में परिवर्तन होता है। लोच का अर्थ है संवेदनशीलता या प्रतिक्रिया। यदि किसी वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने पर उसकी मांग में अधिक परिवर्तन होता है, तो उस मांग को लोचदार कहा जाता है। यदि मांग में कम या कोई परिवर्तन नहीं होता, तो उसे अल्प-लोचदार या अति-अल्प-लोचदार कहा जाता है। इस अवधारणा से यह समझने में सहायता मिलती है कि उपभोक्ता किस प्रकार कीमतों के परिवर्तन पर प्रतिक्रिया करते हैं और बाजार में वस्तुओं की मांग किस प्रकार बदलती है।

  • मांग की लोच से पता चलता है कि कीमत में परिवर्तन पर मांग कितनी बदलती है।
  • लोच का मापन प्रतिशत परिवर्तन के आधार पर किया जाता है।
  • मांग की लोच को मुख्यतः तीन प्रकारों में बाँटा जाता है: कीमत लोच, आय लोच, और क्रॉस लोच।
  • लोचदार मांग में कीमत के परिवर्तन पर मांग में अधिक परिवर्तन होता है।
  • अल्प-लोचदार मांग में कीमत के परिवर्तन पर मांग में कम परिवर्तन होता है।
  • 📌 लोच: संवेदनशीलता या प्रतिक्रिया की मात्रा।
  • 📌 मांग: किसी वस्तु की वह मात्रा, जिसे उपभोक्ता विभिन्न कीमतों पर खरीदना चाहता है।

8.2 कीमत लोच की मापन विधियाँ

व्याख्या

8.2 कीमत लोच की मापन विधियाँ

कीमत लोच (Price Elasticity of Demand) को मापने के लिए मुख्यतः चार विधियाँ अपनाई जाती हैं: कुल व्यय विधि, प्रतिशत विधि, बिंदु विधि, और आर्क विधि। कुल व्यय विधि में कीमत में परिवर्तन के बाद कुल व्यय (Total Expenditure) में हुए परिवर्तन के आधार पर लोच का अनुमान लगाया जाता है। प्रतिशत विधि में मांग और कीमत में प्रतिशत परिवर्तन का अनुपात लिया जाता है। बिंदु विधि में मांग वक्र के किसी विशेष बिंदु पर लोच की गणना की जाती है। आर्क विधि में दो बिंदुओं के बीच औसत लोच का मापन किया जाता है। इन विधियों से हमें वस्तु की मांग की संवेदनशीलता का सटीक मापन मिलता है।

  • कीमत लोच की मापन के लिए चार प्रमुख विधियाँ हैं।
  • कुल व्यय विधि में कुल व्यय के परिवर्तन से लोच का अनुमान लगाया जाता है।
  • प्रतिशत विधि में प्रतिशत परिवर्तन का अनुपात लिया जाता है।
  • बिंदु विधि में मांग वक्र के किसी बिंदु पर लोच की गणना होती है।
  • आर्क विधि में दो बिंदुओं के बीच औसत लोच मापी जाती है।
  • 📌 कुल व्यय विधि: कुल व्यय के आधार पर लोच का मापन।
  • 📌 बिंदु विधि: मांग वक्र के किसी बिंदु पर लोच की गणना।

8.3 मांग की कीमत लोच के प्रकार

परिभाषा

8.3 मांग की कीमत लोच के प्रकार

मांग की कीमत लोच को उसके मान के आधार पर पाँच प्रकारों में बाँटा गया है: पूर्ण लोचदार, पूर्ण अल्प-लोचदार, एकात्मक लोच, अल्प-लोचदार, और अधिक-लोचदार। पूर्ण लोचदार मांग में कीमत में मामूली परिवर्तन पर मांग अनंत हो जाती है। पूर्ण अल्प-लोचदार मांग में कीमत

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