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राजपूत की उत्पत्ति

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of Rajasthan (Earliest Time to 1956 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

राजपूत की उत्पत्ति — अध्ययन नोट्स

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परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में राजपूतों की उत्पत्ति के विषय में विस्तृत परिचय दिया गया है। राजस्थान के इतिहास में राजपूतों का विशेष स्थान रहा है। राजपूत शब्द का अर्थ 'राजपुत्र' या 'राजा का पुत्र' है, जो बाद में एक विशेष जातीय समूह के रूप में विकसित हुआ। छठी से बारहवीं शताब्दी के मध्य राजस्थान में राजपूतों का उदय हुआ। इस काल में अनेक राजवंशों ने राजस्थान के विभिन्न भागों पर शासन किया। राजपूतों की उत्पत्ति के विषय में विभिन्न मत हैं, जिनमें अग्निकुल, सूर्यवंशी, चंद्रवंशी एवं विदेशी (शक, हूण आदि) मत प्रमुख हैं। इस अध्याय में इन मतों का विश्लेषण किया गया है।

  • राजपूत शब्द का अर्थ 'राजा का पुत्र' है।
  • राजस्थान में छठी से बारहवीं शताब्दी के मध्य राजपूतों का उदय हुआ।
  • राजपूतों की उत्पत्ति के विषय में विभिन्न मत हैं।
  • राजपूतों ने राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • राजपूतों का समाज, संस्कृति, एवं राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा।
  • 📌 राजपूत: 'राजा का पुत्र', एक योद्धा जाति।
  • 📌 वंश: वंशानुक्रम से चलने वाला राजपरिवार।

राजपूत शब्द की व्युत्पत्ति

परिभाषा

राजपूत शब्द की व्युत्पत्ति

इस अनुभाग में 'राजपूत' शब्द की व्युत्पत्ति (शब्द की उत्पत्ति) का विस्तार से वर्णन किया गया है। 'राजपूत' संस्कृत के 'राजपुत्र' शब्द से बना है, जिसका अर्थ 'राजा का पुत्र' है। प्रारंभ में यह शब्द केवल राजाओं के पुत्रों के लिए प्रयुक्त होता था, किंतु कालांतर में यह एक विशिष्ट जाति या वर्ग के लिए प्रयुक्त होने लगा। आठवीं-नवीं शताब्दी के अभिलेखों एवं साहित्य में 'राजपुत्र' शब्द का उल्लेख मिलता है। बाद में यह 'राजपूत' के रूप में प्रचलित हुआ।

  • 'राजपूत' शब्द संस्कृत के 'राजपुत्र' से बना है।
  • प्रारंभ में इसका अर्थ 'राजा का पुत्र' था।
  • आठवीं-नवीं शताब्दी के अभिलेखों में इसका उल्लेख मिलता है।
  • बाद में यह एक जाति विशेष के लिए प्रयुक्त हुआ।
  • 📌 व्युत्पत्ति: किसी शब्द की उत्पत्ति या मूल।
  • 📌 अभिलेख: पत्थर या ताम्रपत्र पर खुदे ऐतिहासिक लेख।

राजपूतों की उत्पत्ति के सिद्धांत

अवधारणा

राजपूतों की उत्पत्ति के सिद्धांत

इस अनुभाग में राजपूतों की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांतों का विश्लेषण किया गया है। इतिहासकारों ने राजपूतों की उत्पत्ति के विषय में विभिन्न मत प्रस्तुत किए हैं, जिनमें प्रमुख हैं: (1) अग्निकुल सिद्धांत, (2) सूर्यवंशी सिद्धांत, (3) चंद्रवंशी सिद्धांत, (4

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1राजस्थान इतिहास के स्रोत
10 नोट्स
2प्रागैतिहासिक राजस्थान
9 नोट्स
3कालीबंगा, आहाड़ और बयाना के सन्दर्भ में प्रागैतिहासिक एवं ऐतिहासिक
9 नोट्स
4जनपद युगीन राजस्थान
9 नोट्स
5राजपूत की उत्पत्ति
वर्तमान
6पृथ्वीराज चौहान की विजय एवं उसका युग
9 नोट्स
7महाराणा कुम्भा, राणा सांगा, एवं महाराणा प्रताप के अधीन मेवाड़
10 नोट्स
8राजपूत — मुगल सम्बन्ध, आमेर के मानसिंह, बीकानेर के रायसिंह
10 नोट्स
9मध्यकालीन राजस्थान में कला, स्थापत्य, एवं चित्रकला
10 नोट्स
12राजस्थान में ब्रिटिश प्रभुसत्ता की स्थापना — सन् 1817-18 ई. की संधियाँ
9 नोट्स
13Chapter 13
9 नोट्स
14राजस्थान में किसान आन्दोलन : बिजौलिया एवं शेखावाटी
11 नोट्स
15गोविन्दगुरु एवं मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में राजस्थान में आदिवासी
10 नोट्स
16राजस्थान के स्वतंत्रता आंदोलन में जामडोल का योगदान-मेवाड़
9 नोट्स
17राजपूताना की रियासतों का विलय तथा राजस्थान राज्य का निर्माण
9 नोट्स

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