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जंगल में

🎓 Class 6📖 Malhar📖 11 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~17 मिनट

जंगल में — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

रहीम के दोहे

व्याख्या

रहीम के दोहे

इस अध्याय में 16वीं शताब्दी के महान कवि और नीति लेखक अब्दुर्रहीम खानखाना, जिन्हें रहीम के नाम से जाना जाता है, के प्रसिद्ध दोहे प्रस्तुत किए गए हैं। रहीम के दोहे सरल भाषा में गहरे अर्थ व्यक्त करते हैं और जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे प्रेम, भक्ति, नीति, मित्रता, और व्यवहार के महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। पहले दोहे में रहीम कहते हैं कि बड़े लोगों को छोटा नहीं समझना चाहिए क्योंकि हर वस्तु और व्यक्ति का अपना महत्व होता है, जैसे सुई का काम तलवार नहीं कर सकती। दूसरे दोहे में वह कहते हैं कि पेड़ फल नहीं खाते और सरोवर पानी नहीं पीते, परंतु वे अपने कर्तव्य में लगे रहते हैं। इसी प्रकार, संपत्ति संचित करना बुद्धिमान लोगों का गुण है। रहीम प्रेम को धागे से तुलना करते हैं, जो टूटने पर फिर नहीं जुड़ता, इसलिए प्रेम को सहेजकर रखना चाहिए। पानी के बिना सब सूना है, इसलिए पानी का महत्व भी जीवन में अत्यंत है। उनके दोहे जीवन के व्यवहारिक और नैतिक सिद्धांतों को सरल और प्रभावशाली भाषा में समझाते हैं। इस प्रकार, रहीम के दोहे जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन करते हैं और हमें सदाचार, प्रेम, और समझदारी से जीवन जीने की सीख देते हैं।

  • रहीम के दोहे सरल भाषा में गहरे अर्थ व्यक्त करते हैं।
  • हर वस्तु और व्यक्ति का अपना महत्व होता है।
  • प्रेम को धागे से तुलना कर उसकी नाजुकता बताई गई है।
  • प्रकृति से जीवन के गुण सीखने को कहा गया है।
  • संपत्ति संचित करना बुद्धिमान लोगों का गुण है।
  • पानी के बिना जीवन सूना है, इसलिए उसका सम्मान आवश्यक है।
  • 📌 दोहा: दो पंक्तियों वाली कविता जिसमें गहरा अर्थ होता है।
  • 📌 नीति: जीवन के व्यवहार और सदाचार के नियम।
  • 📌 भक्ति: ईश्वर के प्रति प्रेम और श्रद्धा।

कवि से परिचय

व्याख्या

कवि से परिचय

इस खंड में रहीम के जीवन और उनकी साहित्यिक पहचान का परिचय दिया गया है। रहीम का पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था और वे 16वीं शताब्दी के प्रसिद्ध कवि थे। वे भक्ति काल के प्रमुख कवियों में से एक थे। रहीम ने अवधी और ब्रज भाषा में रचनाएँ कीं और रामायण, महाभारत जैसे महाकाव्यों के अच्छे जानकार थे। उनकी रचनाओं में नीति, प्रेम, भक्ति और जीवन के व्यवहारिक पक्षों का सुंदर समावेश है। रहीम के दोहे आज भी जन-जीवन में अत्यंत लोकप्रिय हैं और उनकी सरल भाषा व गहरे अर्थ के कारण सभी वर्ग के लोग इन्हें समझते और अपनाते हैं। रहीम का जीवन और काव्य हमें यह सिखाता है कि सरलता में भी गहराई हो सकती है और जीवन के महत्वपूर्ण संदेशों को छोटे-छोटे दोहों में भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। इस खंड में रहीम के दोहों के भावार्थ समझने के लिए प्रश्न भी दिए गए हैं, जिनसे विद्यार्थी दोहों के अर्थ को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

  • रहीम का पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था।
  • वे 16वीं शताब्दी के प्रसिद्ध कवि और नीति लेखक थे।
  • रहीम ने अवधी और ब्रज भाषा में कविताएँ लिखीं।
  • उनकी रचनाएँ भक्ति, नीति और प्रेम पर आधारित हैं।
  • रामायण और महाभारत के वे अच्छे जानकार थे।
  • उनके दोहे आज भी जन-जीवन में लोकप्रिय हैं।
  • 📌 भक्ति काल: भारतीय साहित्य का वह काल जिसमें ईश्वर भक्ति पर आधारित काव्य लिखा गया।
  • 📌 अवधी भाषा: उत्तर भारत की एक क्षेत्रीय भाषा जिसमें रहीम ने कई रचनाएँ कीं।
  • 📌 ब्रज भाषा: कृष्ण भक्ति से जुड़ी एक क्षेत्रीय भाषा।

पाठ से मेरी समझ से

व्याख्या

पाठ से मेरी समझ से

इस खंड में विद्यार्थियों को रहीम के दोहों के भावार्थ को समझने के लिए प्रश्न दिए गए हैं। प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थी दोहों के गहरे अर्थों को समझते हैं और सही उत्तर चुनते हैं। उदाहरण के लिए, एक प्रश्न में पूछा गया है कि 'रहिमन जिह्वा बावरी...' दोह

अभ्यास प्रश्न — जंगल में

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.महर्षि वशिष्ठ के अनुसार महर्षि विश्वामित्र के साथ राम के जाने से उन्हें किसकी प्राप्ति होगी?
A.धन की
B.जन की
C.विभिन्न विद्याओं की
D.ऋषियों से मिलने के अवसर की

उत्तर:

विभिन्न विद्याओं की

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Q2.राजा दशरथ ने किस कारण विश्वामित्र के साथ अपने पुत्र राम को भेजने से मना किया?
A.क्योंकि राम उनके इकलौते पुत्र थे
B.क्योंकि उनके पास युद्ध कौशल नहीं था
C.क्योंकि वह राम से बहुत प्रेम करते थे
D.क्योंकि राम का राज्याभिषेक करना था

उत्तर:

क्योंकि वह राम से बहुत प्रेम करते थे

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Q3.रघुकुल की रीति क्या थी?
A.अपने अतिथियों का सम्मान करना
B.दूसरे राज्यों का अतिक्रमण न करना
C.अपनी प्रजा को सुख से न रखना
D.अपने प्राण देकर भी दिए वचन की रक्षा करना

उत्तर:

अपने प्राण देकर भी दिए वचन की रक्षा करना

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Q4.महर्षि विश्वामित्र ने अपने यज्ञ को पूरा करने के लिए राजा दशरथ से क्या मांगा?
A.बहुत सारा धन
B.जेष्ठ पुत्र राम
C.उनकी सेना
D.उनके चारों पुत्र

उत्तर:

जेष्ठ पुत्र राम

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Q5.शंखध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में अंतिम आहुति किसने डाली?
A.राजा दशरथ
B.राजा जनक
C.राजा मनु
D.राजा रघु

उत्तर:

राजा दशरथ

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Q6.राजा दशरथ को पुत्रेष्टि यज्ञ करने की सलाह किसने दी?
A.महर्षि विश्वामित्र
B.महर्षि वशिष्ठ
C.ऋषि भारद्वाज
D.महर्षि परशुराम

उत्तर:

महर्षि वशिष्ठ

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Q7.राजा दशरथ की चिंता बढ़ने का क्या कारण था?
A.दूसरे राज्यों का आक्रमण
B.अकाल पड़ना
C.उनका उत्तराधिकारी न होना
D.उनका रोगग्रस्त हो जाना

उत्तर:

उनका उत्तराधिकारी न होना

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Q8.राजा दशरथ कैसे राजा थे?
A.न्याय प्रिय और यशस्वी
B.कृपण
C.अधार्मिक परंतु कुशल योद्धा
D.न्याय प्रिय परंतु अधार्मिक

उत्तर:

न्याय प्रिय और यशस्वी

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