साथी हाथ बढ़ाना
साथी हाथ बढ़ाना — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 25 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परीक्षा
व्याख्यापरीक्षा
इस अध्याय की कहानी 'परीक्षा' एक ऐसे दीवान की खोज की कथा है, जो न केवल नीतिकुशल हो, बल्कि उदारता और साहस से परिपूर्ण भी हो। कहानी की शुरुआत होती है रियासत देवगढ़ के दीवान सरदार सुजानसिंह के बूढ़े होने से। वे महाराज से विनती करते हैं कि अब उनकी उम्र और शक्ति कम हो गई है, इसलिए वे दीवान पद से इस्तीफा देना चाहते हैं ताकि कोई योग्य व्यक्ति उनकी जगह ले सके। महाराज उनकी बात मानते हैं, पर शर्त रखते हैं कि नया दीवान स्वयं वर्तमान दीवान को ही चुनना होगा। इसके बाद एक विज्ञापन निकलता है जिसमें देवगढ़ के लिए एक योग्य दीवान की आवश्यकता बताई जाती है। विज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि विद्या कम महत्वपूर्ण है, पर कर्तव्य और हृदय की उदारता अधिक महत्वपूर्ण है। कहानी में विभिन्न प्रकार के उम्मीदवार आते हैं, जो अपने-अपने तरीके से खुद को योग्य दिखाने की कोशिश करते हैं। वे नए फैशन के कपड़े पहनते हैं, अपनी आदतें बदलते हैं, लेकिन उनमें से कोई भी असल में वह गुण नहीं दिखा पाता जो दीवान के लिए आवश्यक था। एक दिन हॉकी का खेल आयोजित होता है, जिसमें खिलाड़ी पूरी ताकत से खेलते हैं। खेल के बाद एक किसान गाड़ी के साथ नाले में फंसा होता है, जिसे कोई मदद नहीं करता। लेकिन एक घायल खिलाड़ी, जो लंगड़ाता हुआ था, किसान की मदद करता है और गाड़ी को दलदल से निकालता है। यह युवक असल में वह योग्य व्यक्ति था जिसे दीवान चुना गया। कहानी का मुख्य संदेश है कि पद और सम्मान के लिए केवल दिखावा या विद्या पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उदारता, साहस और दूसरों की सहायता करने का हृदय होना आवश्यक है। यही गुण एक सच्चे नेता या दीवान में होने चाहिए।
- दीवान सरदार सुजानसिंह बूढ़े हो गए हैं और पद छोड़ना चाहते हैं।
- महाराज ने नया दीवान चुनने की जिम्मेदारी वर्तमान दीवान को दी।
- विज्ञापन में कर्तव्य और हृदय की उदारता को विद्या से अधिक महत्व दिया गया।
- उम्मीदवारों ने अपने-अपने तरीके से खुद को योग्य दिखाने की कोशिश की।
- एक घायल खिलाड़ी ने किसान की मदद कर असली गुण दिखाए।
- सच्चे नेतृत्व के लिए उदारता, साहस और सेवा भाव जरूरी हैं।
- 📌 दीवान: राज्य का एक उच्च पदाधिकारी जो प्रशासन संभालता है।
- 📌 उदारता: दूसरों के प्रति दया और सहायता का भाव।
- 📌 कर्तव्य: जिम्मेदारी और कर्ता होने का भाव।
कहानी का आरंभ और पात्र परिचय
व्याख्याकहानी का आरंभ और पात्र परिचय
इस भाग में कहानी की शुरुआत और मुख्य पात्रों का परिचय दिया गया है। कहानी का केंद्र बिंदु है रियासत देवगढ़ के दीवान सरदार सुजानसिंह, जो बूढ़े हो चुके हैं और पद छोड़ना चाहते हैं। महाराज उन्हें सम्मान देते हैं और नया दीवान चुनने का कार्य उन्हीं को सौंपते हैं। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक उम्मीदवार देवगढ़ आते हैं, जो इस उच्च पद के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। ये उम्मीदवार अलग-अलग प्रकार के होते हैं – कुछ नए फैशन के प्रेमी, कुछ पुराने सादगी पसंद, कुछ पढ़े-लिखे, कुछ रंग-बिरंगे कपड़े पहने हुए। सभी उम्मीदवार अपनी-अपनी बुद्धि और चालाकी से खुद को योग्य दिखाने की कोशिश करते हैं। इस बीच एक बूढ़ा जौहरी भी कहानी में आता है, जो आड़ में बैठा हुआ होता है और इन सभी उम्मीदवारों को ध्यान से देख रहा होता है। वह समझता है कि इनमें से कौन असल में योग्य है। यह पात्र कहानी में एक निरीक्षक की तरह कार्य करता है, जो सतही दिखावे के पीछे छिपे असली गुणों को पहचानता है।
- सरदार सुजानसिंह बूढ़े हो चुके हैं और पद छोड़ना चाहते हैं।
- महाराज ने नया दीवान चुनने का कार्य वर्तमान दीवान को दिया।
- देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक उम्मीदवार देवगढ़ आते हैं।
- उम्मीदवारों के बीच नए-पुराने फैशन और व्यवहार के अंतर हैं।
- बूढ़ा जौहरी उम्मीदवारों को ध्यान से देख रहा है।
- जौहरी पात्र सतही दिखावे के पीछे छिपे गुणों को पहचानता है।
- 📌 उम्मीदवार: वह व्यक्ति जो किसी पद के लिए आवेदन करता है।
- 📌 जौहरी: एक बूढ़ा व्यक्ति जो कहानी में निरीक्षक की भूमिका निभाता है।
- 📌 सतही दिखावा: बाहरी रूप से अच्छा दिखना, पर अंदर का गुण न होना।
खेल का वर्णन और सहयोग की भावना
व्याख्याखेल का वर्णन और सहयोग की भावना
इस अनुभाग में कहानी में आयोजित हॉकी खेल का विस्तार से वर्णन किया गया है। नए फैशन के उम्मीदवारों ने आपस में हॉकी खेलने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूरी मिलती है। यह खेल देवगढ़ में नया था, क्योंकि वहाँ के लोग आमतौर पर शतरंज और ताश जैसे गंभीर खेल खेलते थे।
अभ्यास प्रश्न — साथी हाथ बढ़ाना
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.सुग्रीव का मूल निवास स्थान कहाँ था?
उत्तर:
किष्किंधा
Q2.कबंध राक्षस को मारने के बाद राम और लक्ष्मण का अगला पड़ाव कहाँ था?
उत्तर:
ऋष्यमूक पर्वत
Q3.सुग्रीव के प्रमुख साथी कौन थे?
उत्तर:
हनुमान
Q4.राम और लक्ष्मण को सुग्रीव से मिलने की राय किसने दी?
उत्तर:
कबंध और शबरी ने
Q5.सुग्रीव के बड़े भाई का क्या नाम था?
उत्तर:
बाली
Q6.बाली की पत्नी का क्या नाम था?
उत्तर:
तारा
Q7.संपाति कौन था?
उत्तर:
जटायु के बड़े भाई
Q8.सुग्रीव के राजगद्दी पर बैठने के बाद युवराज का पद किसे दिया गया?
उत्तर:
अंगद
Malhar के सभी 13 अध्याय
Hindi · Class 6