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केशवदास – कवित्त

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केशवदास – कवित्त — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय में हम केशवदास के प्रसिद्ध काव्य रूप 'कवित्त' का अध्ययन करेंगे। केशवदास हिंदी साहित्य के रीतिकाल के प्रमुख कवि माने जाते हैं। उनका जन्म 1555 ईस्वी में बुंदेलखंड के ओरछा नगर में हुआ था। वे ओरछा के राजा इंद्रजीत सिंह के दरबार में कवि थे। केशवदास की रचनाएँ मुख्यतः प्रेम, सौंदर्य, विरह, और नायिका-नायक के विभिन्न भावों को अभिव्यक्त करती हैं। उनकी भाषा ब्रज भाषा की प्रधानता लिए हुए है, जिसमें अलंकार, छंद, और रसों का समृद्ध प्रयोग मिलता है। केशवदास के कवित्तों में नायिका की सुंदरता, प्रेम की पीड़ा, और समाज की परंपराओं का सूक्ष्म चित्रण होता है। रीतिकालीन साहित्य में उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने कवित्त छंद को हिंदी साहित्य में लोकप्रिय बनाया और इसे एक विशिष्ट काव्य रूप के रूप में स्थापित किया। इस अध्याय में हम उनके कवित्तों के भाव, भाषा, शिल्प, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ, और साहित्यिक महत्व का गहन अध्ययन करेंगे।

  • केशवदास रीतिकाल के प्रमुख कवि हैं।
  • उनका जन्म 1555 ई. में ओरछा में हुआ था।
  • वे राजा इंद्रजीत सिंह के दरबार में कवि थे।
  • कवित्त उनके द्वारा रचित एक विशेष काव्य रूप है।
  • उनकी भाषा ब्रज भाषा पर आधारित है।
  • उनके काव्य में प्रेम, विरह, और नायिका-नायक के भाव प्रमुख हैं।
  • 📌 रीतिकाल: हिंदी साहित्य का वह काल जिसमें शृंगार रस और अलंकारों का विशेष प्रयोग हुआ।
  • 📌 कवित्त: एक विशेष छंद जिसमें 16-20 मात्राएँ होती हैं, और जो प्रेम तथा सौंदर्य के भावों को अभिव्यक्त करता है।
  • 📌 ब्रज भाषा: हिंदी की एक प्राचीन बोली, जो मुख्यतः उत्तर भारत के ब्रज क्षेत्र में बोली जाती है।

कवित्तों का भाव और भाषा

व्याख्या

कवित्तों का भाव और भाषा

केशवदास के कवित्तों में भाव और भाषा का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उनके कवित्तों में मुख्यतः नायिका-नायक के प्रेम, विरह, मिलन, और सौंदर्य के भावों का चित्रण होता है। भावों की अभिव्यक्ति इतनी सूक्ष्म और प्रभावशाली होती है कि पाठक सहज ही उन भावों में डूब जाता है। भाषा में ब्रज भाषा की प्रधानता है, जो अपने सहज, मधुर और लयात्मक स्वरूप के कारण कवित्तों को और भी मनोहर बनाती है। केशवदास ने अपनी भाषा में अनेक अलंकारों जैसे उपमा, रूपक, अनुप्रास, और यमक का कुशल प्रयोग किया है, जिससे कविता की शोभा बढ़ती है। उनकी भाषा सरल होते हुए भी गहन अर्थों से परिपूर्ण है। कवित्त छंद की मात्राएँ 16 से 20 तक होती हैं, जो कविता को लयात्मक और संगीतात्मक बनाती हैं। केशवदास के कवित्तों में शृंगार रस की प्रधानता है, जिसमें नायिका की सुंदरता, उसकी पीड़ा, और प्रेम की मधुरता का सुंदर चित्रण मिलता है।

  • केशवदास की भाषा ब्रज भाषा है।
  • कवित्त छंद में 16-20 मात्राएँ होती हैं।
  • भावों में प्रेम, विरह, और सौंदर्य प्रमुख हैं।
  • अलंकारों का कुशल प्रयोग किया गया है।
  • शृंगार रस की प्रधानता है।
  • भाषा सरल पर अर्थपूर्ण है।
  • 📌 अलंकार: कविता में सौंदर्य बढ़ाने के लिए प्रयुक्त विशेष भाषा-शैली या सजावट।
  • 📌 शृंगार रस: प्रेम और सौंदर्य की अनुभूति जो काव्य में प्रकट होती है।
  • 📌 मात्रा: छंद की लयात्मक इकाई।

कवित्तों का सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ

व्याख्या

कवित्तों का सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ

केशवदास के कवित्तों में तत्कालीन समाज और संस्कृति का प्रतिबिंब मिलता है। उन्होंने अपने काव्य में उस समय के रीति-रिवाज, परंपराएँ, और मानवीय संबंधों का सूक्ष्म चित्रण किया है। कवित्तों में नायिका की स्थिति, प्रेम संबंधों की जटिलताएँ, और समाज में स्त्रि

अभ्यास प्रश्न — केशवदास – कवित्त

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.‘तिल धरने की जगह न होना’ मुहावरे का अर्थ है?
A.बिलकुल जगह नहीं होना
B.तिल नहीं रख सकना
C.अधिक भीड़ होना
D.खाली जगह होना

उत्तर:

अधिक भीड़ होना

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Q2.‘सद्य-स्नाता’ से आप क्या समझते हैं?
A.कमसिन
B.गीले बाल वाली
C.आलसी
D.उसी समय नहा कर आई

उत्तर:

उसी समय नहा कर आई

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Q3.कहानी में ‘दूसरा देवदास’ किसे कहा गया है?
A.गंगापुत्र को
B.पारो को
C.संभव को
D.पुजारी को

उत्तर:

संभव को

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Q4.‘दूसरा देवदास’ किस प्रकार की कहानी है?
A.प्रेम कहानी
B.सामाजिक कहानी
C.धार्मिक कहानी
D.काल्पनिक कहानी

उत्तर:

प्रेम कहानी

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Q5.‘दूसरा देवदास’ किस विधा की रचना है?
A.उपन्यास
B.कहानी
C.संस्मरण
D.आत्मकथा

उत्तर:

कहानी

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Q6.निम्नलिखित में से कौन सा उपन्यास ममता कालिया का नहीं है?
A.प्रेम कहानी
B.बेघर
C.दौड़
D.एक पति का नोट्स

उत्तर:

एक पति का नोट्स

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Q7.लेखिका दिल्ली विश्वविद्यालय के किस कॉलेज में प्राध्यापिका थीं?
A.मिराण्डा हाउस
B.दौलतराम कॉलेज
C.गार्गी कॉलेज
D.जानकी देवी कॉलेज

उत्तर:

दौलतराम कॉलेज

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Q8.ममता कालिया का जन्म उत्तर प्रदेश में कहाँ हुआ था?
A.लखनऊ
B.मथुरा
C.आगरा
D.मेरठ

उत्तर:

मथुरा

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केशवदास – कवित्त — अध्ययन गाइड व लेख