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समाजीकरण : अर्थ, चरण एवं अभिकरण

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Introductory Sociology (Hindi)📖 315 नोट्स⏱️ ~473 मिनट

समाजीकरण : अर्थ, चरण एवं अभिकरण — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 315 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति

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पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति

इस अनुभाग में पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति के सदस्यों की सूची दी गई है, जो 'परिचयात्मक समाजशास्त्र' पाठ्यक्रम के निर्माण में शामिल रहे हैं। इसमें अध्यक्ष, संयोजक/सदस्य, सम्पादक तथा पाठ लेखन के विभिन्न विशेषज्ञों के नाम, उनके पद, और सम्बंधित संस्थान का उल्लेख किया गया है। यह जानकारी पाठ्यक्रम की प्रामाणिकता और गुणवत्ता को दर्शाती है। समिति में कुलपति, आचार्य, सहायक आचार्य, सेवानिवृत्त आचार्य, सम्पादक, और पाठ-लेखक शामिल हैं। प्रत्येक सदस्य की शैक्षिक योग्यता और अनुभव पाठ्यक्रम की सामग्री को समृद्ध बनाते हैं। इस अनुभाग में यह भी बताया गया है कि इस सामग्री के किसी भी अंश को बिना विश्वविद्यालय की लिखित अनुमति के पुनः प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। यह जानकारी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के निर्माण में शामिल विशेषज्ञों के बारे में अवगत कराती है और पाठ्यक्रम की विश्वसनीयता को प्रमाणित करती है।

  • पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
  • सम्पादक और पाठ-लेखक की सूची दी गई है।
  • पाठ्यक्रम की सामग्री की पुनः प्रस्तुति पर प्रतिबंध है।
  • 📌 पाठ्यक्रम अभिकल्प समिति: पाठ्यक्रम निर्माण में शामिल विशेषज्ञों की समिति।
  • 📌 सम्पादक: पाठ्यक्रम सामग्री को संपादित करने वाला व्यक्ति।
  • 📌 पाठ-लेखक: पाठ्यक्रम की इकाइयों का लेखन करने वाले विशेषज्ञ।

खण्ड-। समाजशास्त्र: एक परिचायक विवेचन

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खण्ड-। समाजशास्त्र: एक परिचायक विवेचन

इस अनुभाग में पाठ्यक्रम की इकाइयों की सूची दी गई है, जिसमें समाजशास्त्र के विभिन्न पहलुओं का परिचयात्मक विवेचन किया गया है। इसमें तीन खण्डों में विभाजित इकाइयों के नाम और पृष्ठ संख्या का उल्लेख है। खण्ड-I में समाजशास्त्र का उद्भव, विकास, विषयवस्तु, प्रकृति, अन्य सामाजिक विज्ञानों से संबंध, अध्ययन में उपागम, और सामाजिक क्रिया शामिल हैं। खण्ड-II में समाजशास्त्र की मुख्य अवधारणाएँ जैसे समाज, समुदाय, संस्कृति, संस्था, भूमिका, सामाजिक समूह, मानदण्ड, मूल्य, और सामाजिक प्रक्रियाएँ (सहयोग, प्रतियोगिता, संघर्ष) शामिल हैं। खण्ड-III में सामाजिक स्तरीकरण, समाजीकरण, सामाजिक नियंत्रण, सामाजिक परिवर्तन, और सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख सिद्धांतों का विवेचन है। यह अनुभाग विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की व्यापकता और अध्ययन के क्षेत्रों की जानकारी देता है।

  • पाठ्यक्रम तीन खण्डों में विभाजित है।
  • प्रत्येक खण्ड में समाजशास्त्र के विभिन्न पहलुओं की इकाइयाँ हैं।
  • इकाइयों के नाम और पृष्ठ संख्या का उल्लेख है।
  • 📌 इकाई: पाठ्यक्रम का एक अध्याय या भाग।
  • 📌 खण्ड: पाठ्यक्रम का बड़ा विभाजन जिसमें कई इकाइयाँ होती हैं।

इकाई- 1 समाजशास्त्र का उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु

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इकाई- 1 समाजशास्त्र का उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु

इस अनुभाग में इकाई-1 की रूपरेखा और उद्देश्य दिए गए हैं। इसमें बताया गया है कि इस इकाई के अध्ययन के पश्चात विद्यार्थी निम्नलिखित बातें समझ सकेंगे: - समाजशास्त्र की आवश्यकता क्यों हुई। - यूरोप के देशों में 18वीं, 19वीं शताब्दी की महत्वपूर्ण घटनाएँ। -

SLM - Introductory Sociology (Hindi) के सभी 16 अध्याय

Introductory Sociology · Vardhman Mahaveer Open University

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1समाजशास्त्र का उद्भव, विकास एवं विषयवस्तु
9 नोट्स
2समाजशास्त्र की प्रकृति : वैज्ञानिक एवं मानवीय दृष्टिकोण
10 नोट्स
3समाजशास्त्र और अन्य सामाजिक विज्ञान
9 नोट्स
4डॉ. एस. एल. दोषी
345 नोट्स
5समाजशास्त्रीय अध्ययन में उपागम
327 नोट्स
6सामाजिक क्रिया
336 नोट्स
7मूल अवधारणाएँ : समाज, समुदाय, संस्कृति एवं संस्था
314 नोट्स
8परिस्थिति एवं भूमिका
9सामाजिक समूह : प्राथमिक एवं द्वितीयक
328 नोट्स
10सामाजिक मानदंड व मूल्य
323 नोट्स
11सामाजिक क्रियाएँ : सहयोग, प्रतियोगिता एवं संघर्ष
326 नोट्स
12सामाजिक स्तरीकरण : अर्थ एवं आधार
298 नोट्स
13समाजीकरण : अर्थ, चरण एवं अभिकरण
वर्तमान
14सामाजिक नियंत्रण : अर्थ, स्वरूप एवं साधन
15सामाजिक परिवर्तन : अर्थ एवं कारक
327 नोट्स

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