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अवगमन परिघटनाएँ

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Thermal and Statistical Physics (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

अवगमन परिघटनाएँ — अध्ययन नोट्स

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9.1 अवगमन की मूल अवधारणा

अवधारणा

9.1 अवगमन की मूल अवधारणा

अवगमन (Diffusion) वह प्रक्रिया है जिसमें कण उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर स्वतः गति करते हैं। यह गति कणों की यादृच्छिक (random) गति के कारण होती है, जिसे ब्राउनियन गति भी कहा जाता है। अवगमन केवल गैसों में ही नहीं, बल्कि द्रवों और ठोसों में भी घटित होता है, किंतु इसकी दर माध्यम की प्रकृति पर निर्भर करती है। अवगमन के कारण ही सुगंध किसी कमरे में फैल जाती है या स्याही पानी में स्वतः मिल जाती है। यह प्रक्रिया तापमान, दाब, कणों के आकार तथा माध्यम के प्रकार पर निर्भर करती है। अवगमन का अध्ययन सांख्यिकीय भौतिकी (Statistical Physics) में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कणों की सूक्ष्म गति और उनके औसत व्यवहार को समझने में सहायक है।

  • अवगमन कणों की यादृच्छिक गति के कारण होता है।
  • यह उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर होता है।
  • अवगमन की दर तापमान, दाब, और कणों के आकार पर निर्भर करती है।
  • गैसों में अवगमन की दर द्रवों और ठोसों से अधिक होती है।
  • अवगमन सांख्यिकीय भौतिकी का मूलभूत विषय है।
  • 📌 अवगमन: कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर स्वतः गति करना।
  • 📌 ब्राउनियन गति: कणों की यादृच्छिक गति।

9.2 गैसों में अवगमन

व्याख्या

9.2 गैसों में अवगमन

गैसों में अवगमन की प्रक्रिया अत्यंत तीव्र होती है क्योंकि गैस के कणों के बीच की दूरी अधिक होती है और वे उच्च वेग से गतिशील रहते हैं। गैसों में अवगमन का अध्ययन करने के लिए आमतौर पर दो गैसों को एक साथ मिलाकर देखा जाता है कि वे किस प्रकार एक-दूसरे में मिलती हैं। अवगमन की दर को मापने के लिए ग्रैहम का नियम (Graham's Law) प्रयोग में लाया जाता है, जिसके अनुसार किसी गैस का अवगमन वेग उसके आणविक भार के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

  • गैसों में अवगमन की दर सबसे अधिक होती है।
  • गैसों के कण उच्च वेग से गतिशील रहते हैं।
  • ग्रैहम का नियम अवगमन दर को समझने में सहायक है।
  • अवगमन की दर गैस के आणविक भार पर निर्भर करती है।
  • गैसों का मिश्रण स्वतः ही हो जाता है।
  • 📌 ग्रैहम का नियम: अवगमन वेग आणविक भार के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • 📌 अवगमन वेग: किसी निश्चित समय में गैस के कणों के विस्थापन की दर।

9.3 द्रवों और ठोसों में अवगमन

व्याख्या

9.3 द्रवों और ठोसों में अवगमन

द्रवों में अवगमन गैसों की तुलना में धीमा होता है क्योंकि द्रवों के कणों के बीच आकर्षण बल अधिक होता है और वे अपेक्षाकृत कम गतिशील होते हैं। ठोसों में अवगमन की दर अत्यंत धीमी होती है, लेकिन दीर्घकाल में यह भी संभव है। द्रवों में अवगमन का उदाहरण स्याही