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अवलोकन 65—79

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Social Research (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

अवलोकन 65—79 — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 सामाजिक अनुसंधान: परिचय

व्याख्या

7.1 सामाजिक अनुसंधान: परिचय

इस अनुभाग में सामाजिक अनुसंधान की अवधारणा, उद्देश्य और महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया है। सामाजिक अनुसंधान समाज में घटित घटनाओं, व्यवहारों, संबंधों और प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक समस्याओं की पहचान, उनके कारणों की खोज और समाधान के लिए उपयुक्त विधियों का चयन करना है। सामाजिक अनुसंधान समाज के विभिन्न पहलुओं जैसे—संस्कृति, परिवार, शिक्षा, राजनीति, अर्थव्यवस्था आदि का विश्लेषण करता है। यह अनुसंधान वैज्ञानिक पद्धति का अनुसरण करता है जिसमें वस्तुनिष्ठता, तर्कशीलता, और निष्पक्षता आवश्यक होती है। सामाजिक अनुसंधान के माध्यम से समाज के विकास, परिवर्तन और सुधार की प्रक्रिया को समझा जा सकता है। इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के अनुसंधान जैसे—मूल अनुसंधान, अनुप्रयुक्त अनुसंधान, और कार्यवाही अनुसंधान आते हैं।

  • सामाजिक अनुसंधान समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की प्रक्रिया है।
  • इसका उद्देश्य सामाजिक समस्याओं की पहचान और समाधान है।
  • अनुसंधान में वस्तुनिष्ठता और वैज्ञानिक पद्धति का पालन आवश्यक है।
  • सामाजिक अनुसंधान समाज के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करता है।
  • मूल, अनुप्रयुक्त और कार्यवाही अनुसंधान इसके प्रमुख प्रकार हैं।
  • अनुसंधान समाज के विकास और सुधार में सहायक है।
  • 📌 सामाजिक अनुसंधान: समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की प्रक्रिया।
  • 📌 वस्तुनिष्ठता: निष्पक्ष और तटस्थ दृष्टिकोण।

7.2 सामाजिक अनुसंधान के प्रकार

अवधारणा

7.2 सामाजिक अनुसंधान के प्रकार

इस अनुभाग में सामाजिक अनुसंधान के विभिन्न प्रकारों का वर्णन किया गया है। मुख्य रूप से अनुसंधान तीन प्रकार के होते हैं: (1) मूल अनुसंधान (Basic Research), (2) अनुप्रयुक्त अनुसंधान (Applied Research), और (3) कार्यवाही अनुसंधान (Action Research)। मूल अनुसंधान का उद्देश्य ज्ञान की वृद्धि करना है, जबकि अनुप्रयुक्त अनुसंधान किसी विशेष समस्या के समाधान हेतु किया जाता है। कार्यवाही अनुसंधान में समस्या के समाधान के लिए तुरंत कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक अनुसंधान को गुणात्मक (Qualitative) और मात्रात्मक (Quantitative) अनुसंधान में भी विभाजित किया जाता है। गुणात्मक अनुसंधान में विचारों, भावनाओं, और अनुभवों का अध्ययन होता है, जबकि मात्रात्मक अनुसंधान में सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण किया जाता है।

  • मूल अनुसंधान ज्ञान की वृद्धि के लिए किया जाता है।
  • अनुप्रयुक्त अनुसंधान समस्या के समाधान हेतु होता है।
  • कार्यवाही अनुसंधान में तुरंत कार्रवाई की जाती है।
  • गुणात्मक अनुसंधान विचारों और अनुभवों का अध्ययन करता है।
  • मात्रात्मक अनुसंधान सांख्यिकीय डेटा का विश्लेषण करता है।
  • प्रत्येक प्रकार की अनुसंधान की विशेषता और उद्देश्य अलग होते हैं।
  • 📌 मूल अनुसंधान: ज्ञान वृद्धि हेतु अनुसंधान।
  • 📌 अनुप्रयुक्त अनुसंधान: समस्या समाधान हेतु अनुसंधान।
  • 📌 कार्यवाही अनुसंधान: त्वरित कार्रवाई हेतु अनुसंधान।

7.3 सामाजिक अनुसंधान की प्रक्रिया

व्याख्या

7.3 सामाजिक अनुसंधान की प्रक्रिया

इस अनुभाग में सामाजिक अनुसंधान की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का विस्तार से वर्णन किया गया है। अनुसंधान प्रक्रिया में निम्नलिखित मुख्य चरण होते हैं: (1) समस्या की पहचान, (2) साहित्य समीक्षा, (3) परिकल्पना निर्माण, (4) अनुसंधान डिजाइन, (5) डेटा संग्रह,