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राजनीतिक विकास

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Foundation of Political Science (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

राजनीतिक विकास — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में 'राजनीतिक विकास' की अवधारणा का परिचय दिया गया है। राजनीतिक विकास वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत समाज की राजनीतिक संस्थाएँ, प्रक्रियाएँ और व्यवहार समय के साथ परिष्कृत, आधुनिक और उत्तरदायी बनते हैं। यह विकास केवल संस्थागत विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक संस्कृति, भागीदारी, वैधता और राजनीतिक स्थिरता का भी समावेश होता है। राजनीतिक विकास का मुख्य उद्देश्य समाज को अधिक लोकतांत्रिक, न्यायपूर्ण और उत्तरदायी बनाना है। यह प्रक्रिया ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारकों से प्रभावित होती है। राजनीतिक विकास के अध्ययन से यह समझा जा सकता है कि विभिन्न समाज किस प्रकार अपनी राजनीतिक संस्थाओं का निर्माण और परिवर्तन करते हैं तथा वे किस प्रकार अपने नागरिकों की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।

  • राजनीतिक विकास का अर्थ केवल संस्थागत विस्तार नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति और प्रक्रिया का परिष्कार भी है।
  • राजनीतिक विकास में वैधता, भागीदारी और स्थिरता जैसे तत्व शामिल हैं।
  • यह प्रक्रिया ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों से प्रभावित होती है।
  • राजनीतिक विकास समाज को अधिक लोकतांत्रिक और उत्तरदायी बनाता है।
  • राजनीतिक विकास का अध्ययन राजनीतिक संस्थाओं के निर्माण और परिवर्तन को समझने में सहायक है।
  • 📌 राजनीतिक विकास: समाज की राजनीतिक संस्थाओं, प्रक्रियाओं और संस्कृति का परिष्कार।
  • 📌 राजनीतिक संस्कृति: नागरिकों के राजनीतिक मूल्यों, विश्वासों और व्यवहारों का समुच्चय।

राजनीतिक विकास की विशेषताएँ

अवधारणा

राजनीतिक विकास की विशेषताएँ

इस अनुभाग में राजनीतिक विकास की प्रमुख विशेषताओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। राजनीतिक विकास की पहली विशेषता संस्थागत निर्माण और उनका सुदृढ़ीकरण है, जिसमें संविधान, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका जैसी संस्थाओं का विकास शामिल है। दूसरी विशेषता राजनीतिक भागीदारी का विस्तार है, जिसमें नागरिकों की राजनीतिक प्रक्रियाओं में सक्रियता बढ़ती है। तीसरी विशेषता राजनीतिक संस्कृति का परिष्कार है, जिससे नागरिकों में लोकतांत्रिक मूल्यों, सहिष्णुता और उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। चौथी विशेषता राजनीतिक वैधता है, जिससे सरकार और संस्थाओं को जनता की स्वीकृति और समर्थन प्राप्त होता है। पाँचवीं विशेषता राजनीतिक स्थिरता है, जिससे समाज में शांति और व्यवस्था बनी रहती है। इन विशेषताओं के माध्यम से राजनीतिक विकास को समझना सरल होता है।

  • संस्थागत निर्माण और सुदृढ़ीकरण राजनीतिक विकास की मुख्य विशेषता है।
  • राजनीतिक भागीदारी का विस्तार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करता है।
  • राजनीतिक संस्कृति का परिष्कार नागरिकों में उत्तरदायित्व की भावना बढ़ाता है।
  • राजनीतिक वैधता से सरकार को जनता का समर्थन मिलता है।
  • राजनीतिक स्थिरता से समाज में शांति और व्यवस्था बनी रहती है।
  • 📌 संस्थागत निर्माण: राजनीतिक संस्थाओं की स्थापना और सुदृढ़ीकरण।
  • 📌 राजनीतिक वैधता: सरकार और संस्थाओं को जनता की स्वीकृति।

राजनीतिक विकास के कारक

व्याख्या

राजनीतिक विकास के कारक

राजनीतिक विकास के अनेक कारक होते हैं, जो समाज की राजनीतिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं। इनमें ऐतिहासिक कारक, जैसे उपनिवेशवाद, स्वतंत्रता संग्राम आदि; सामाजिक कारक, जैसे जाति, धर्म, भाषा; आर्थिक कारक, जैसे औद्योगीकरण, शहरीकरण; और सांस्

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