ऊतक
ऊतक — अध्ययन नोट्स
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ऊतक
अवधारणाऊतक
हमने पिछले अध्याय में जाना कि सभी जीवित प्राणी या पौधे कोशिकाओं से बने होते हैं। एकल कोशिका वाले जीवों में एक ही कोशिका सभी कार्य करती है, जैसे अमीबा में। लेकिन बहुकोशिकीय जीवों में लाखों कोशिकाएँ होती हैं, जो विशिष्ट कार्यों के लिए समूह बनाकर काम करती हैं। ये कोशिकाओं के समूह जिन्हें एक समान कार्य के लिए व्यवस्थित किया गया हो, ऊतक कहलाते हैं। ऊतक कोशिकाओं का ऐसा समूह होता है जो एक विशिष्ट कार्य को कुशलता से संपन्न करता है। उदाहरण के लिए, मनुष्यों में पेशीय कोशिकाएँ गति के लिए, तंत्रिका कोशिकाएँ संदेशों के संचार के लिए, रक्त कोशिकाएँ ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के परिवहन के लिए होती हैं। पौधों में भी विभिन्न ऊतक होते हैं जो भोजन, पानी, और खनिजों के परिवहन तथा सहारा देने का कार्य करते हैं। इस प्रकार, बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाओं का श्रम विभाजन होता है और ऊतक इस श्रम विभाजन का आधार होते हैं। **Table on page 2 (3×6)** | लंबाई | दिन-1 | दिन-2 | दिन-3 | दिन-4 | दिन-5 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | जार-1 | | | | | | | जार-2 | | | | | | **Table on page 12 (4×4)** | लक्षण | रेखित | चिकनी | हद | | --- | --- | --- | --- | | आकार | | | | | केंद्रकों की संख्या | | | | | केंद्रकों की स्थिति | | | |
- ऊतक कोशिकाओं का समूह होता है जो एक समान कार्य करता है।
- एकल कोशिका वाले जीवों में एक ही कोशिका सभी कार्य करती है।
- बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाएँ विशिष्ट कार्यों के लिए समूह बनाती हैं।
- ऊतक अधिक दक्षता के साथ कार्य करते हैं।
- रक्त, फ्लोएम, और पेशी ऊतक के उदाहरण हैं।
- 📌 ऊतक: कोशिकाओं का समूह जो एक समान कार्य करता है।
- 📌 श्रम विभाजन: कार्यों का विभाजन विभिन्न कोशिकाओं के समूहों में।
क्या पौधे और जंतु एक ही तरह के ऊतकों से बने होते हैं?
व्याख्याक्या पौधे और जंतु एक ही तरह के ऊतकों से बने होते हैं?
पौधों और जंतुओं के ऊतकों में संरचनात्मक और कार्यात्मक अंतर होता है। पौधे स्थिर होते हैं और उन्हें सहारा देने वाले ऊतकों की अधिक आवश्यकता होती है, जो प्रायः मृत कोशिकाओं से बने होते हैं। इसके विपरीत, जंतु गतिशील होते हैं और ऊर्जा का अधिक उपभोग करते हैं, इसलिए उनके ऊतक अधिकतर जीवित होते हैं। पौधों में वृद्धि कुछ सीमित क्षेत्रों में होती है, जहां विभज्योतक ऊतक होते हैं, जबकि जंतुओं में कोशिका वृद्धि अधिक समान रूप से होती है। जंतुओं के अंग और अंग-तंत्र जटिल और विशिष्ट होते हैं, जो उनकी गतिशील जीवनशैली के अनुकूल होते हैं। इस भिन्नता के कारण पौधों के ऊतक मुख्यतः विभज्योतक और स्थायी ऊतक में वर्गीकृत होते हैं, जबकि जंतुओं में ऊतकों का वर्गीकरण अलग होता है।
- पौधे स्थिर होते हैं, जंतु गतिशील।
- पौधों में सहारा देने वाले ऊतक अधिक होते हैं।
- पौधों में वृद्धि सीमित क्षेत्रों में होती है।
- जंतुओं में ऊतक अधिकतर जीवित होते हैं।
- पौधों के ऊतक विभज्योतक और स्थायी ऊतक में विभाजित होते हैं।
- 📌 विभज्योतक (Meristematic Tissue): सक्रिय रूप से विभाजित होने वाले ऊतक।
- 📌 स्थायी ऊतक (Permanent Tissue): विभाजन बंद कर चुके और विशिष्ट कार्य वाले ऊतक।
पादप ऊतक
अवधारणापादप ऊतक
पादप ऊतक दो मुख्य प्रकार के होते हैं: विभज्योतक (Meristematic Tissue) और स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)। विभज्योतक वे कोशिकाएँ होती हैं जो सक्रिय रूप से विभाजित होती हैं और पौधे की वृद्धि में सहायक होती हैं। ये कोशिकाएँ छोटी, घनी, और गोलाकार होती हैं
अभ्यास प्रश्न — ऊतक
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. उत्तक को परिभाषित करें।
उत्तर:
उत्तक कोशिकाओं का समूह होता है जो एक समान संरचना और कार्य करता है।
व्याख्या:
जब समान प्रकार की कोशिकाएँ एक साथ मिलकर किसी विशेष कार्य के लिए समूह बनाती हैं, तो उसे उत्तक कहते हैं।
Q2.2. कितने प्रकार के तत्व मिलकर जाइलम उत्तक का निर्माण करते हैं? उनके नाम बताएँ।
उत्तर:
जाइलम उत्तक चार प्रकार के तत्वों से मिलकर बनता है: ट्रैकेइड्स, ट्रैकेए, वुडफाइबर, और जाइलम पार्श्व।
व्याख्या:
जाइलम में जल और खनिजों का परिवहन होता है। इसके लिए ट्रैकेइड्स और ट्रैकेए जल वाहक तत्व हैं, जबकि वुडफाइबर सहायक संरचना देते हैं और जाइलम पार्श्व पोषण करते हैं।
Q3.3. पौधों में सरल उत्तक जटिल उत्तक से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
उत्तर:
सरल उत्तक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं, जबकि जटिल उत्तक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बनते हैं।
व्याख्या:
सरल उत्तक में कोशिकाएँ समान होती हैं और एक ही कार्य करती हैं, जैसे पैरेन्काइमा। जटिल उत्तक में विभिन्न प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं जो मिलकर एक विशेष कार्य करती हैं, जैसे जाइलम और फ्लोएम।
Q4.4. कोशिका भित्ति के आधार पर पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा के बीच भेद स्पष्ट करें।
उत्तर:
पैरेन्काइमा की कोशिका भित्ति पतली होती है, कॉलेन्काइमा की कोशिका भित्ति मोटी और कोलाजेनयुक्त होती है, जबकि स्क्लेरेन्काइमा की कोशिका भित्ति बहुत मोटी और लकड़ीदार होती है।
व्याख्या:
पैरेन्काइमा में कोशिका भित्ति पतली और लचीली होती है, जिससे वे पोषण और भंडारण का कार्य करते हैं। कॉलेन्काइमा में कोशिका भित्ति मोटी होती है जो पौधे को लचीलापन और समर्थन देती है। स्क्लेरेन्काइमा की कोशिका भित्ति कठोर होती है जो पौधे को कठोरता और सुरक्षा प्रदान करती है।
Q5.5. रंध्र के क्या कार्य हैं?
उत्तर:
रंध्र (Stomata) पौधों में गैसों के आदान-प्रदान और जल वाष्पोत्सर्जन के लिए होते हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड को अंदर आने देते हैं और ऑक्सीजन तथा जल वाष्प को बाहर निकालते हैं।
व्याख्या:
रंध्र की उपस्थिति से पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक गैसें ग्रहण करते हैं और अतिरिक्त जल को वाष्प के रूप में छोड़ते हैं, जिससे पौधे की जल संतुलन बनी रहती है।
Q6.6. तीनों प्रकार के पेशीय रेशों में चित्र बनाकर अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
तीनों प्रकार के पेशीय रेशे हैं: रेखित पेशी, अरेखित पेशी, और कार्डिक पेशी। - रेखित पेशी: लंबी, बहुकोशिकीय, परस्पर जुड़े हुए, स्वैच्छिक नियंत्रण में। - अरेखित पेशी: कूपाकार, एककोशिकीय, स्वैच्छिक नियंत्रण से मुक्त। - कार्डिक पेशी: शाखित, एककोशिकीय, हृदय की मांसपेशी, स्वचालित संकुचन। चित्र में प्रत्येक पेशी के आकार और विशेषताओं को दिखाना चाहिए।
व्याख्या:
पेशीय रेशों के भिन्न आकार और नियंत्रण के आधार पर उनके कार्य और स्थान भिन्न होते हैं। चित्र से ये भेद स्पष्ट होते हैं।
Q7.7. कार्डिक (हृदयक) पेशी का विशेष कार्य क्या है?
उत्तर:
कार्डिक पेशी हृदय की मांसपेशी होती है जो निरंतर और स्वचालित रूप से संकुचित होकर रक्त को शरीर में पंप करती है।
व्याख्या:
यह पेशी बिना थके लगातार काम करती है और हृदय की धड़कन को नियंत्रित करती है, जिससे रक्त संचार सुचारू रहता है।
Q8.8. रेखित, अरेखित तथा कार्डिक (हृदयक) पेशियों में शरीर में स्थित कार्य और स्थान के आधार पर अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
रेखित पेशी: शरीर की अधिकांश मांसपेशियों में, स्वैच्छिक नियंत्रण, गति प्रदान करती है। अरेखित पेशी: आंत, रक्त नलिकाओं आदि में, अनैच्छिक नियंत्रण, अंगों के कार्यों को नियंत्रित करती है। कार्डिक पेशी: हृदय में, स्वचालित संकुचन, रक्त पंप करती है।
व्याख्या:
तीनों पेशियों का स्थान और कार्य उनके नियंत्रण और संरचना के अनुसार भिन्न होता है।
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Science · Class 9