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व्यापारिक बैंकिंग : योगदान एवं कार्य एवं साख सृजन

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Money, Banking & Public Finance (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट

व्यापारिक बैंकिंग : योगदान एवं कार्य एवं साख सृजन — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

5.1 व्यापारिक बैंकों की अवधारणा

परिभाषा

5.1 व्यापारिक बैंकों की अवधारणा

व्यापारिक बैंक वे वित्तीय संस्थाएँ हैं जो सामान्य जनता से जमा स्वीकार करती हैं और उन्हें ऋण के रूप में वितरित करती हैं। इन बैंकों का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है। व्यापारिक बैंक आधुनिक आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं क्योंकि वे आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक धन की आपूर्ति करते हैं। व्यापारिक बैंकों की प्रमुख विशेषताएँ हैं: जमा स्वीकार करना, ऋण देना, भुगतान एवं प्राप्ति की सुविधा प्रदान करना, तथा आर्थिक विकास में योगदान देना। व्यापारिक बैंक निजी, सार्वजनिक एवं विदेशी स्वामित्व में हो सकते हैं। भारत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि प्रमुख व्यापारिक बैंक हैं।

  • व्यापारिक बैंक आर्थिक व्यवस्था में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
  • ये बैंक जनता से जमा स्वीकार कर ऋण प्रदान करते हैं।
  • इनका उद्देश्य लाभ कमाना होता है।
  • व्यापारिक बैंक विभिन्न प्रकार के होते हैं - सार्वजनिक, निजी, विदेशी।
  • ये बैंक आर्थिक विकास में सहायक हैं।
  • व्यापारिक बैंक वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं।
  • 📌 व्यापारिक बैंक: ऐसी वित्तीय संस्था जो जमा स्वीकार कर ऋण देती है।
  • 📌 जमा: बैंक में जनता द्वारा रखा गया धन।
  • 📌 ऋण: बैंक द्वारा जनता को दिया गया उधार।

5.2 व्यापारिक बैंकों का योगदान

व्याख्या

5.2 व्यापारिक बैंकों का योगदान

व्यापारिक बैंकों का आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ये बैंक पूंजी निर्माण, औद्योगिकीकरण, कृषि विकास, व्यापार विस्तार, रोजगार सृजन, और वित्तीय समावेशन में सहायक होते हैं। व्यापारिक बैंक बचत को उत्पादक निवेश में परिवर्तित करते हैं, जिससे पूंजी निर्माण होता है। ये बैंक उद्योगों को दीर्घकालिक और अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराते हैं, जिससे औद्योगिकीकरण को गति मिलती है। कृषि क्षेत्र में भी ये बैंक किसानों को ऋण देकर कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं। व्यापारिक बैंक व्यापारियों को कार्यशील पूंजी प्रदान करते हैं, जिससे व्यापार का विस्तार होता है। ये बैंक रोजगार के अवसर उत्पन्न करते हैं और वित्तीय सेवाओं को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाते हैं।

  • बैंक बचत को निवेश में परिवर्तित करते हैं।
  • औद्योगिक विकास में बैंकिंग प्रणाली की भूमिका महत्वपूर्ण है।
  • कृषि क्षेत्र में ऋण सुविधा से उत्पादन बढ़ता है।
  • व्यापार विस्तार के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराते हैं।
  • रोजगार सृजन में बैंकिंग क्षेत्र सहायक है।
  • वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलता है।
  • 📌 पूंजी निर्माण: बचत को निवेश में बदलना।
  • 📌 वित्तीय समावेशन: सभी वर्गों तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच।

5.3 व्यापारिक बैंकों के प्राथमिक कार्य

अवधारणा

5.3 व्यापारिक बैंकों के प्राथमिक कार्य

व्यापारिक बैंकों के प्राथमिक कार्य मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं: (1) जमा स्वीकार करना, (2) ऋण देना। जमा स्वीकार करने में बचत खाता, चालू खाता, और सावधि जमा शामिल हैं। बचत खाता में सीमित लेन-देन की अनुमति होती है और ब्याज मिलता है। चालू खाता मुख्यतः व

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