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तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता

🎓 Class 11📖 Rasayan Vigyan bhag-I📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट

तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता — अध्ययन नोट्स

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तत्वों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है?

व्याख्या

तत्वों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है?

रसायन विज्ञान में तत्वों का वर्गीकरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि तत्वों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रारंभ में केवल 31 तत्व ज्ञात थे, जो 1800 के दशक की शुरुआत में थे, लेकिन 1865 तक यह संख्या 63 हो गई। वर्तमान में 114 से अधिक तत्व ज्ञात हैं, जिनमें से कुछ मानव-निर्मित भी हैं। इतने सारे तत्वों और उनके यौगिकों के गुणों और अभिक्रियाओं का अध्ययन बिना वर्गीकरण के करना अत्यंत कठिन है। इसलिए वैज्ञानिकों ने तत्वों को उनके गुणधर्मों और परमाणु संरचना के आधार पर वर्गीकृत किया, जिससे अध्ययन सरल, व्यवस्थित और तर्कसंगत हो गया। वर्गीकरण से न केवल ज्ञात तत्वों को समझना आसान होता है, बल्कि नए खोजे जाने वाले तत्वों के गुणों का पूर्वानुमान भी लगाया जा सकता है। इस प्रकार, तत्वों का वर्गीकरण रसायन विज्ञान के अध्ययन और विकास के लिए आधारशिला है।

  • तत्वों की संख्या बढ़ने से अध्ययन जटिल हो गया था।
  • वर्गीकरण से तत्वों के गुणों और अभिक्रियाओं का व्यवस्थित अध्ययन संभव हुआ।
  • वर्गीकरण से नए तत्वों के गुणों का अनुमान लगाया जा सकता है।
  • तत्वों का वर्गीकरण रसायन विज्ञान को सरल और तर्कसंगत बनाता है।
  • 📌 तत्व (Element): पदार्थ की वह मूल इकाई जो रासायनिक विधि से और सरल नहीं की जा सकती।
  • 📌 वर्गीकरण (Classification): वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर समूहों में बांटना।

आवर्त सारणी की उत्पत्ति

व्याख्या

आवर्त सारणी की उत्पत्ति

तत्वों के गुणधर्मों में आवर्ती प्रवृत्ति को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने कई प्रयास किए। सबसे पहले जॉन डॉबेराइनर ने 1829 में 'त्रिक' (Triads) की अवधारणा दी, जिसमें तीन तत्वों के समूह में बीच वाले तत्व का परमाणु भार बाकी दो के औसत के बराबर होता था और उनके गुणधर्म भी मध्य के तत्व के समान होते थे। हालांकि यह नियम कुछ ही त्रिकों पर लागू हुआ। इसके बाद ए.ई.बी. डी चैनकोर्टाइस ने 1862 में तत्वों को वृत्ताकार सारणी में व्यवस्थित किया, लेकिन यह अधिक लोकप्रिय नहीं हुआ। 1865 में जॉन एलेक्जेंडर न्यूलैंड ने अष्टक नियम दिया, जिसमें आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं, जैसे संगीत के आठ स्वर। यह नियम Ca तक सही था। अंततः दमित्री मेंडलीव और लोथर मेयर ने स्वतंत्र रूप से 1869 में आवर्त सारणी का विकास किया, जिसमें तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के अनुसार व्यवस्थित किया गया और समान गुणधर्म वाले तत्वों को एक समूह में रखा गया। मेंडलीव ने कुछ तत्वों के लिए रिक्त स्थान छोड़े और उनके गुणों की भविष्यवाणी की, जो बाद में सही साबित हुई। इस प्रकार आवर्त सारणी ने तत्वों के वर्गीकरण और उनके गुणधर्मों की आवर्ती प्रकृति को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया। **Table on page 2 (4×6)** | तत्व | परमाणु-भार | तत्व | परमाणु-भार | तत्व | परमाणु-भार | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | Li | 7 | Ca | 40 | Cl | 35.5 | | Na | 23 | Sr | 88 | Br | 80 | | K | 39 | Ba | 137 | I | 127 | **Table on page 2 (6×8)** | तत्व | Li | Be | B | C | N | O | F | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | परमाणु-भार | 7 | 9 | 11 | 12 | 14 | 16 | 19 | | तत्व | Na | Mg | Al | Si | P | S | Cl | | परमाणु-भार | 23 | 24 | 27 | 29 | 31 | 32 | 35.5 | | तत्व | K | Ca | | | | | | | परमाणु-भार | 39 | 40 | | | | | | **Table on page 3 (5×5)** | --- | --- | --- | --- | --- | | परमाणु-भार | 68 | 70 | 72 | 72.6 | | घनत्व / (g/cm³) | 5.9 | 5.94 | 5.5 | 5.36 | | गलनांक /K | निम्न | 302.93 | उच्च | 1231 | | ऑक्साइड का सूत्र | E₂O₃ | Ga₂O₃ | EO₂ | GeO₂ | | क्लोराइड का सूत्र | ECl₃ | GaCl₃ | ECl₄ | GeCl₄ | **Table on page 4 (1×11)** | 9 | | - | - | - | - | - | - | - | | | | 10 | - | - | - | Ytterbium **Table on page 17 (7×8)** | वर्ग 1 | ΔeqH | वर्ग 16 | ΔeqH | वर्ग 17 | ΔeqH | वर्ग 0 | ΔeqH | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | H | – 73 | | | | | He | + 48 | | Li | – 60 | O | – 141 | F | – 328 | Ne | + 116 | | Na | – 53 | S | – 200 | Cl | – 349 | Ar | + 96 | | K | – 48 | Se | – 195 | Br | – 325 | Kr | + 96 | | Rb | – 47 | Te | – 190 | I | – 295 | Xe | + 77 | | Cs | – 46 | Po | – 174 | At | – 270 | Rn | + 68 | **Table on page 21 (9×4)** | गुण | तत्व | | | | --- | --- | --- | --- | | धात्विक त्रिज्या M/ pm | Li | Be | B | | | 152 | 111 | 88 | | | Na | Mg | Al | | | 186 | 160 | 143 | | आयनी त्रिज्या M³⁺ / pm | Li | Be | | | | 76 | 31 | | | | Na | Mg | | | | 102 | 72 | | **Table on page 25 (7×4)** | तत्व | $\Delta H_{\mathrm{I}}$ | $\Delta H_{2}$ | $\Delta_{\mathrm{eg}}$H | | --- | --- | --- | --- | | I | 520 | 7300 | -60 | | II | 419 | 3051 | -48 | | III | 1681 | 3374 | -328 | | IV | 1008 | 1846 | -295 | | V | 2372 | 5251 | +48 | | VI | 738 | 1451 | -40 |

  • डॉबेराइनर ने त्रिकों के आधार पर तत्वों के गुणधर्मों में समानता बताई।
  • डी चैनकोर्टाइस ने तत्वों को वृत्ताकार सारणी में व्यवस्थित किया।
  • न्यूलैंड ने अष्टक नियम दिया, जिसमें आठवें तत्व के गुण पहले के समान होते हैं।
  • मेंडलीव और मेयर ने आवर्त सारणी का विकास किया।
  • मेंडलीव ने कुछ तत्वों के लिए रिक्त स्थान छोड़े और उनकी भविष्यवाणी की।
  • 📌 त्रिक (Triad): तीन तत्वों का समूह जिनके गुणधर्म और परमाणु भार संबंधित होते हैं।
  • 📌 अष्टक नियम (Law of Octaves): तत्वों के गुणधर्म आठ तत्वों के बाद पुनः दोहराते हैं।
  • 📌 आवर्त सारणी (Periodic Table): तत्वों का व्यवस्थित सारणीबद्ध रूप।

आधुनिक आवर्त-नियम तथा आवर्त सारणी का वर्तमान स्वरूप

व्याख्या

आधुनिक आवर्त-नियम तथा आवर्त सारणी का वर्तमान स्वरूप

मेंडलीव की आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी, लेकिन इसमें कुछ विसंगतियाँ थीं। 1913 में हेनरी मॉस्ले ने एक्स-किरण स्पेक्ट्रम के अध्ययन से यह सिद्ध किया कि तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक (Atomic Number) के आधार पर व्यवस्थित करना अधिक वैज्ञानिक औ

अभ्यास प्रश्न — तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.प्रश्न. निम्नलिखित तत्वों में से, जिसमें कम से कम इलेक्ट्रॉन बन्धुता (+ve or -ve) है?
A.फॉस्फोरस
B.(ख) ऑक्सीजन
C.(ग) सल्फर
D.(घ) नाइट्रोजन

उत्तर:

(घ) नाइट्रोजन

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Q2.प्रश्न. बढ़ते आयनिक त्रिज्या के आधार पर निम्नलिखित में से सही क्रम कौन सा है?
A.(क) K + (aq) <Na + (aq) <Li + (aq)
B.(ख) K + (aq)> Na + (aq)> Zn 2 + (aq)
C.(ग) K + (aq)> Li + (aq)> Na + (aq)
D.(घ) Li + (aq) <Na + (aq) <K + (aq)

उत्तर:

(घ) Li + (aq) <Na + (aq) <K + (aq)

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Q3.प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन सा ऑक्साइड तटस्थ है?
A.(क) SnO 2
B.(ख) CO
C.(ग) Al 2 O 3
D.(घ) Na 2 O

उत्तर:

(ख) CO

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Q4.प्रश्न 1. निम्न में से किसके द्वारा उच्चतम आयनन एन्थेल्पी प्रदर्शित की जाती है
A.(क) हैलोजेन
B.(ख) क्षारीय मृदा धातुएँ
C.(ग) ट्रांज़िशन मेटल्स
D.(घ) नोबल गैसें

उत्तर:

(ख) क्षारीय मृदा धातुएँ

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Q5.प्रश्न. हैलोजन में, निम्न में से कौन सा आयोडीन से फ्लोरीन तक बढ़ता है?
A.(क) बॉन्ड की लंबाई
B.(ख) वैद्युतीयऋणात्मकता
C.(ग) तत्व की आयनीकरण ऊर्जा
D.(घ) ऑक्सीकरण शक्ति

उत्तर:

(ख) वैद्युतीयऋणात्मकता

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Q6.प्रश्न. निम्न में से विकर्ण संबंध किसके द्वारा दिखाए जाते हैं I
A.(क) Be और Al
B.(ख) Mg और Al
C.(ग) Li और Na
D.(घ) B और P

उत्तर:

(क) Be और Al

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Q7.प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन सी प्रजाति ज्ञात नहीं है?
A.(क) AgOH
B.( ख) PbI 4
C.(ग) PI 5
D.(घ)उपरोक्त सभी

उत्तर:

(घ)उपरोक्त सभी

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Q8.प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन सा समइलेक्ट्रोनिक है?
A.N 3-
B.(ख) Mg 2 +
C.(ग) Al 3 +
D.(घ) उपरोक्त सभी

उत्तर:

(घ) उपरोक्त सभी

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