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आजादी की ओर भारत का विभाजन

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

आजादी की ओर भारत का विभाजन — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

20.1 प्रस्तावना

व्याख्या

20.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में भारत के विभाजन और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की गई है। 1940 के दशक में, भारत में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई थीं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों को बिना उनकी सहमति के युद्ध में शामिल कर लिया, जिससे असंतोष बढ़ा। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच मतभेद गहरे होते गए। मुस्लिम लीग ने 1940 में 'लाहौर प्रस्ताव' पारित किया, जिसमें अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग की गई। इस प्रस्तावना में विभाजन के कारणों, तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों, और विभिन्न दलों की भूमिका का उल्लेख है।

  • 1940 के दशक में भारत में स्वतंत्रता आंदोलन तेज़ हुआ।
  • मुस्लिम लीग ने अलग राष्ट्र की मांग की।
  • ब्रिटिश सरकार ने भारतीयों को बिना सहमति के युद्ध में शामिल किया।
  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच मतभेद बढ़े।
  • लाहौर प्रस्ताव विभाजन की नींव बना।
  • 📌 लाहौर प्रस्ताव: मुस्लिम लीग द्वारा 1940 में पारित प्रस्ताव जिसमें अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग की गई।
  • 📌 द्वितीय विश्व युद्ध: 1939-1945 का वैश्विक युद्ध जिसमें भारत भी ब्रिटिश शासन के तहत शामिल हुआ।

20.2 विभाजन के कारण

व्याख्या

20.2 विभाजन के कारण

भारत के विभाजन के पीछे कई कारण थे। धार्मिक आधार पर मतभेद, राजनीतिक दलों के बीच असहमति, ब्रिटिश सरकार की 'फूट डालो और राज करो' नीति, और मुस्लिम लीग की अलग राष्ट्र की मांग प्रमुख कारण थे। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सत्ता-साझेदारी को लेकर विवाद था। मुस्लिम लीग ने दावा किया कि मुसलमानों के हितों की रक्षा केवल अलग राष्ट्र में ही संभव है। ब्रिटिश सरकार ने भी विभाजन को एक समाधान के रूप में देखा। विभाजन के कारणों में सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक पहलुओं की भूमिका थी।

  • धार्मिक मतभेद प्रमुख कारण था।
  • मुस्लिम लीग की अलग राष्ट्र की मांग।
  • ब्रिटिश सरकार की 'फूट डालो और राज करो' नीति।
  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सत्ता-साझेदारी में असहमति।
  • सामाजिक और आर्थिक तनाव भी कारण बने।
  • 📌 फूट डालो और राज करो: ब्रिटिश नीति जिसमें भारतीयों के बीच मतभेद बढ़ाकर शासन किया गया।
  • 📌 डायरेक्ट एक्शन डे: 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग द्वारा विभाजन की मांग के समर्थन में आयोजित आंदोलन।

20.3 विभाजन की प्रक्रिया

व्याख्या

20.3 विभाजन की प्रक्रिया

भारत के विभाजन की प्रक्रिया 1947 में तेज़ हुई। ब्रिटिश सरकार ने 'माउंटबेटन योजना' प्रस्तुत की, जिसमें भारत और पाकिस्तान के गठन का प्रस्ताव था। 3 जून 1947 को योजना घोषित हुई। पंजाब, बंगाल, और असम के विभाजन के लिए जनमत संग्रह हुए। सीमाओं के निर्धारण के

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History of India (1740-1947 AD) · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1अठारहवीं सदी के मध्य भारत की राजनीतिक स्थिति
9 नोट्स
2पानीपत का तृतीय युद्ध तथा उसके परिणाम
10 नोट्स
3भारत में अंग्रेज - फ्रांसीसी संघर्ष
10 नोट्स
4बंगाल में ब्रिटिश शासन की स्थापना
9 नोट्स
5अंग्रेज - मराठा संघर्ष
10 नोट्स
6अंग्रेज मैसूर युद्ध
10 नोट्स
7उत्तर भारत में ब्रिटिश सत्ता का विस्तार: अवध एवं
9 नोट्स
8देशी रियासतों में ब्रिटिश सर्वोच्चता का विकास
9 नोट्स
9स्थायी, रैयतवाड़ी तथा महलवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था की
9 नोट्स
10मुख्य सामाजिक - धार्मिक सुधार आंदोलन
11 नोट्स
11Chapter 11
9 नोट्स
12धन का निष्कासन
8 नोट्स
13ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव
8 नोट्स
14भारत में ब्रिटिश शिक्षा नीति
10 नोट्स
15भारतीय राष्ट्रवाद का उदय तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
10 नोट्स

5 और अध्याय — सभी देखें →