Ch 15निःशुल्क

भारतीय राष्ट्रवाद का उदय तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

भारतीय राष्ट्रवाद का उदय तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अनुभाग में भारतीय राष्ट्रवाद के उदय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वर्णन किया गया है। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में भारत में राष्ट्रवादी चेतना का विकास हुआ। यह चेतना ब्रिटिश शासन के शोषण, सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों, पश्चिमी शिक्षा के प्रसार और संचार साधनों के विकास के कारण उत्पन्न हुई। भारतीय समाज में एकता की भावना जागृत हुई, जिससे स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस काल में भारतीयों ने अपने अधिकारों के प्रति सजगता दिखाई और ब्रिटिश शासन की नीतियों का विरोध करना आरंभ किया। इस अनुभाग में उन प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया है, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद के बीज बोए।

  • 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में राष्ट्रवादी भावना का विकास हुआ।
  • ब्रिटिश शासन की नीतियों ने भारतीयों में असंतोष उत्पन्न किया।
  • सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने एकता की भावना को बल दिया।
  • पश्चिमी शिक्षा के प्रसार से आधुनिक विचारधारा का विकास हुआ।
  • संचार साधनों के विकास ने राष्ट्रव्यापी संवाद को संभव बनाया।
  • 📌 राष्ट्रवाद: वह भावना जिसमें लोग अपने देश के प्रति एकता, प्रेम और बलिदान की भावना रखते हैं।
  • 📌 सामाजिक सुधार आंदोलन: ऐसे आंदोलन जो समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए चलाए गए।

भारतीय राष्ट्रवाद के विकास के कारण

व्याख्या

भारतीय राष्ट्रवाद के विकास के कारण

भारतीय राष्ट्रवाद के विकास के पीछे कई कारण थे। ब्रिटिश शासन की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक नीतियों ने भारतीय समाज में असंतोष को जन्म दिया। अंग्रेजों द्वारा भारतीय उद्योग-धंधों का विनाश, भारी करों की वसूली, भूमि व्यवस्था में परिवर्तन और प्रशासनिक भेदभाव ने भारतीयों को एकजुट किया। पश्चिमी शिक्षा के प्रसार ने भारतीयों में आधुनिक विचारधारा और स्वतंत्रता की भावना को जन्म दिया। सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने जातिवाद, छुआछूत, सती प्रथा आदि के विरुद्ध संघर्ष कर समाज में जागरूकता लाई। संचार साधनों जैसे रेलवे, टेलीग्राफ, डाक सेवा और समाचार पत्रों ने राष्ट्रव्यापी संवाद को संभव बनाया। इन सब कारणों ने मिलकर भारतीय राष्ट्रवाद की नींव रखी।

  • ब्रिटिश शासन की शोषणकारी नीतियों ने असंतोष को बढ़ाया।
  • पश्चिमी शिक्षा ने आधुनिक विचारधारा को जन्म दिया।
  • सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने समाज में एकता लाई।
  • संचार साधनों के विकास से राष्ट्रव्यापी संवाद संभव हुआ।
  • भारतीयों में अपने अधिकारों के प्रति सजगता आई।
  • 📌 आर्थिक शोषण: अंग्रेजों द्वारा भारतीय संसाधनों का दोहन।
  • 📌 पश्चिमी शिक्षा: अंग्रेजों द्वारा स्थापित स्कूलों और कॉलेजों में दी जाने वाली आधुनिक शिक्षा।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

व्याख्या

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई, जो भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। कांग्रेस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीयों के राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना और ब्रिटिश सरकार के समक्ष भारतीयों की समस्याओं को प्रस्तुत क

SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi) के सभी 20 अध्याय

History of India (1740-1947 AD) · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1अठारहवीं सदी के मध्य भारत की राजनीतिक स्थिति
9 नोट्स
2पानीपत का तृतीय युद्ध तथा उसके परिणाम
10 नोट्स
3भारत में अंग्रेज - फ्रांसीसी संघर्ष
10 नोट्स
4बंगाल में ब्रिटिश शासन की स्थापना
9 नोट्स
5अंग्रेज - मराठा संघर्ष
10 नोट्स
6अंग्रेज मैसूर युद्ध
10 नोट्स
7उत्तर भारत में ब्रिटिश सत्ता का विस्तार: अवध एवं
9 नोट्स
8देशी रियासतों में ब्रिटिश सर्वोच्चता का विकास
9 नोट्स
9स्थायी, रैयतवाड़ी तथा महलवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था की
9 नोट्स
10मुख्य सामाजिक - धार्मिक सुधार आंदोलन
11 नोट्स
11Chapter 11
9 नोट्स
12धन का निष्कासन
8 नोट्स
13ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव
8 नोट्स
14भारत में ब्रिटिश शिक्षा नीति
10 नोट्स
15भारतीय राष्ट्रवाद का उदय तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
वर्तमान

5 और अध्याय — सभी देखें →