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जूझ

🎓 Class 12📖 Vitan📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट

जूझ — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

जूझ

व्याख्या

जूझ

इस अनुभाग में लेखक आनंद यादव अपने बचपन के संघर्षों का वर्णन करते हैं। वे बताते हैं कि उन्हें पाठशाला जाने की तीव्र इच्छा थी, लेकिन उनके दादा पढ़ाई के खिलाफ थे और उन्हें खेतों में काम करने के लिए मजबूर करते थे। लेखक का मन पाठशाला जाने के लिए तड़पता था, पर दादा के सामने यह कहने की हिम्मत नहीं होती थी क्योंकि दादा की सख्ती और डरावना व्यवहार था। लेखक के मन में यह विश्वास था कि खेती में हाथ लगाकर जीवन कठिन होगा, जबकि पढ़ाई से नौकरी और बेहतर जीवन संभव है। दादा की सोच थी कि जल्दी कोल्हू चलाने से ईख की कीमत अच्छी मिलती है, जबकि अन्य किसान सोचते थे कि देर तक ईख खेत में रहने से गुड़ की मात्रा बढ़ती है। इस तरह लेखक के मन में पढ़ाई के प्रति गहरा संघर्ष और जूझ की भावना व्याप्त थी।

  • लेखक को पाठशाला जाने की तीव्र इच्छा थी लेकिन दादा के विरोध के कारण वह डरता था।
  • दादा खेती के कामों को प्राथमिकता देते थे और पढ़ाई को अनावश्यक समझते थे।
  • लेखक के मन में यह विश्वास था कि पढ़ाई से बेहतर भविष्य बन सकता है।
  • दादा की सोच और गाँव के अन्य किसानों की सोच में अंतर था।
  • लेखक के मन में संघर्ष और जूझ की भावना गहराई से व्याप्त थी।
  • 📌 जूझ: कठिनाइयों और विरोधों के बावजूद संघर्ष करना।
  • 📌 कोल्हू: ईख से रस निकालने का पारंपरिक यंत्र।
  • 📌 गुड़: ईख के रस से बनाया गया मीठा उत्पाद।

माँ के साथ दत्ता जी राव के पास जाना

व्याख्या

माँ के साथ दत्ता जी राव के पास जाना

इस भाग में लेखक अपनी माँ के साथ दत्ता जी राव के पास जाता है ताकि वे दादा को समझा सकें और लेखक को पढ़ाई की अनुमति दिलवा सकें। माँ बताती हैं कि दादा खेती के कामों में हाथ नहीं लगाते और पूरा बोझ बच्चों और परिवार पर डाल देते हैं। माँ कहती हैं कि अब खेती के काम खत्म हो चुके हैं और लेखक को पढ़ाई की अनुमति मिलनी चाहिए। दत्ता जी राव इस बात से सहमत होते हैं और दादा के रवैये पर नाराजगी जताते हैं। वे लेखक को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और दादा को समझाने का प्रयास करते हैं। इस भाग में परिवार के भीतर शिक्षा के महत्व को लेकर संघर्ष और सामाजिक सोच का चित्रण है।

  • माँ दत्ता जी राव के पास जाकर दादा को समझाने की कोशिश करती हैं।
  • माँ बताती हैं कि दादा खेती के कामों में हाथ नहीं लगाते।
  • दत्ता जी राव दादा के रवैये से नाराज होते हैं और लेखक को पढ़ाई की सलाह देते हैं।
  • लेखक को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • परिवार में शिक्षा के महत्व को लेकर संघर्ष स्पष्ट होता है।
  • 📌 दत्ता जी राव: गाँव के एक प्रभावशाली व्यक्ति जो शिक्षा के पक्षधर हैं।
  • 📌 पढ़ाई की अनुमति: परिवार में शिक्षा के लिए सहमति।

दादा के विरोध और दत्ता जी राव की सहायता

व्याख्या

दादा के विरोध और दत्ता जी राव की सहायता

इस भाग में दादा के विरोध और दत्ता जी राव की सहायता का वर्णन है। दादा लेखक को पढ़ाई से रोकते हैं और खेतों में काम करने के लिए मजबूर करते हैं। दादा की सोच थी कि पढ़ाई से कुछ नहीं होगा और खेती ही जीवन का आधार है। दूसरी ओर दत्ता जी राव दादा के इस रवैये स

अभ्यास प्रश्न — जूझ

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.जिसका मन अपने वश में नहीं, वह
A.मिथ्या आडम्बर रचता है
B.मिथ्याचारों से मुक्त रहता है
C.सपने देखता है
D.बड़ी बड़ी बातें करता है

उत्तर:

मिथ्या आडम्बर रचता है

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Q2.कुटज राजा जनक के समान ही
A.वैरागी है
B.वैभवशाली है
C.विनम्र है
D.विजयी है

उत्तर:

वैरागी है

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Q3.'अकुतोभय' शब्द का अर्थ है
A.भय से पूर्ण
B.भयानक
C.भय का भाव
D.निर्भय

उत्तर:

निर्भय

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Q4.कुटज को द्विवेदी जी क्या मानते हैं
A.जंगल का मोर
B.जंगल का राजा
C.जंगल का सेनानी
D.जंगल का सैलानी

उत्तर:

जंगल का सैलानी

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Q5.लेखक ने पाठ में यक्ष द्वारा ताज़े कुटज पुष्पों की अंजलि देने का संदर्भ कालिदास की किस संस्कृत रचना से लिया है
A.रघुवंशम्
B.अभिज्ञान शाकुंतलम्
C.मेघदूतम्
D.कुमारसंभवम्

उत्तर:

मेघदूतम्

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Q6.कुटज में कौन सा गुण नहीं है
A.अपराजेय जीवनशक्ति
B.सुगंध
C.स्वावलम्बन
D.आत्मविश्वास

उत्तर:

सुगंध

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Q7.न. वा. सौंदलगेकर क्या पढ़ाते थे?
A.हिंदी
B.अंग्रेजी
C.गणित
D.मराठी

उत्तर:

मराठी

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Q8.‘जूझ’ पाठ से प्रेरणा मिलती है-
A.वीरता की
B.व्यवसाय की
C.संगीत की
D.संघर्षशीलता की

उत्तर:

संघर्षशीलता की

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