लाख की चूड़ियाँ
लाख की चूड़ियाँ — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
दो गौरैया
व्याख्यादो गौरैया
‘दो गौरैया’ कहानी लेखक के घर में रहने वाली दो गौरैयों की घटनाओं का वर्णन करती है। कहानी में लेखक अपने घर के वातावरण का चित्रण करते हैं जहाँ विभिन्न पक्षी और जीव-जंतु रहते हैं। लेखक के पिता का मानना है कि घर सराय की तरह है, जहाँ वे मेहमान हैं और असली मालिक पक्षी और जीव-जंतु हैं। आँगन में आम का पेड़ है जहाँ तरह-तरह के पक्षी डेरा डाले रहते हैं। घर के अंदर चूहे, चमगादड़, कबूतर, छिपकलियाँ, बर्रे और चींटियाँ भी रहती हैं। कहानी की शुरुआत तब होती है जब दो गौरैया बिना पूछे घर में प्रवेश करती हैं और मकान का निरीक्षण करती हैं। वे बैठक के पंखे के गोले में अपना घोंसला बनाती हैं और गाना गाती हैं। पिताजी इस बात से नाखुश होते हैं और गौरैयों को घर से निकालने की कोशिश करते हैं। माँ इस पर हँसती हैं और पक्षियों के प्रति सहानुभूति दिखाती हैं। पिताजी कई बार लाठी लेकर गौरैयों को भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे बार-बार वापस आ जाती हैं। अंत में पिताजी हार मान लेते हैं और गौरैयों को घर में रहने देते हैं। कहानी में पक्षियों के व्यवहार, उनके घोंसले बनाने और परिवार के सदस्यों के बीच संवाद को सरल और रोचक भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह कहानी प्रकृति और जीव-जंतुओं के साथ सह-अस्तित्व की भावना को दर्शाती है।
- लेखक के घर में अनेक पक्षी और जीव-जंतु रहते हैं।
- पिताजी को लगता है कि घर के असली मालिक पक्षी और जीव-जंतु हैं।
- दो गौरैया घर में घोंसला बनाती हैं और गाती हैं।
- पिताजी गौरैयों को घर से निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे बार-बार लौट आती हैं।
- माँ पक्षियों के प्रति सहानुभूति दिखाती हैं और हँसती हैं।
- अंत में पिताजी गौरैयों को घर में रहने देते हैं।
- 📌 गौरैया: एक छोटा पक्षी जो आमतौर पर घरों के आस-पास रहता है।
- 📌 सराय: यात्रियों के ठहरने का स्थान, यहाँ घर की तुलना की गई है।
- 📌 घोंसला: पक्षियों का घर जहाँ वे अपने अंडे देते हैं।
पिताजी और गौरैयों का संघर्ष
व्याख्यापिताजी और गौरैयों का संघर्ष
इस खंड में पिताजी और गौरैयों के बीच संघर्ष का वर्णन है। पिताजी गौरैयों को घर से निकालने के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। वे पंखे के नीचे जाकर जोर-जोर से ताली बजाते हैं और ‘श...शू’ कहते हैं, लेकिन गौरैया घोंसले से सिर निकालकर नीचे झाँकती हैं और ‘चीं-चीं’ करती हैं। माँ इस पर हँसती हैं और पिताजी को व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया देती हैं। पिताजी गुस्से में लाठी लेकर गौरैयों को भगाने की कोशिश करते हैं। वे दरवाजे बंद कर देते हैं ताकि गौरैया बाहर निकल जाएँ, लेकिन गौरैया दरवाजों के नीचे से निकलकर वापस आ जाती हैं। पिताजी घोंसला तोड़ने की योजना बनाते हैं और स्टूल लेकर पंखे के नीचे चढ़कर घोंसले के तिनकों को तोड़ने लगते हैं। गौरैया फिर भी वापस आ जाती हैं। अंत में पिताजी हार मानकर बैठ जाते हैं और माँ सभी दरवाजे खोल देती हैं। यह खंड परिवार के सदस्यों के बीच भावनात्मक और हास्यपूर्ण संवाद को दर्शाता है, साथ ही जीव-जंतुओं के प्रति सहिष्णुता और संघर्ष की भावना को उजागर करता है।
- पिताजी गौरैयों को घर से निकालने के लिए कई प्रयास करते हैं।
- माँ व्यंग्यात्मक और हँसने वाली प्रतिक्रिया देती हैं।
- गौरैया दरवाजों के नीचे से निकलकर बार-बार घर में वापस आती हैं।
- पिताजी घोंसला तोड़ने की कोशिश करते हैं।
- अंत में पिताजी हार मानकर बैठ जाते हैं और माँ दरवाजे खोल देती हैं।
- यह खंड संघर्ष, हास्य और सहिष्णुता का सुंदर मिश्रण है।
- 📌 व्यंग्य: हँसी-मज़ाक या उपहास के माध्यम से किसी कमी या विडंबना को उजागर करना।
- 📌 घोंसला तोड़ना: पक्षियों के रहने के स्थान को नष्ट करना।
- 📌 सहनशीलता: कठिनाइयों को सहने की क्षमता।
गौरैयों की वापसी और पिताजी का मनोवृत्ति परिवर्तन
व्याख्यागौरैयों की वापसी और पिताजी का मनोवृत्ति परिवर्तन
इस भाग में गौरैयों की बार-बार वापसी और पिताजी के मनोवृत्ति में बदलाव का वर्णन है। गौरैया बार-बार घर में प्रवेश करती हैं, चाहे पिताजी उन्हें बाहर निकालने के लिए कितनी भी कोशिश करें। पिताजी घोंसला तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन गौरैया फिर भी लौट आती ह
अभ्यास प्रश्न — लाख की चूड़ियाँ
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.‘जीभि फिरै मुख मांहि’ का निम्नलिखित में से क्या अर्थ है?
उत्तर:
मुँह से राम-राम का उच्चारण करना।
Q2.‘खरी दुहेली होय’ में ‘दुहेली’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर:
पीड़ा
Q3.' सुमिरन ' शब्द का तत्सम रूप निम्नलिखित में से कौन सा है?
उत्तर:
स्मरण
Q4.कबीर की रचनाओं का संकलन किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:
बीजक
Q5.दोहा छंद में कुल कितनी मात्राएं होती हैं?
उत्तर:
48
Q6.बताइए कि कबीर के दोहों को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
साखी
Q7.ईश्वर के सुमिरन में बाधा क्या है?
उत्तर:
मन का स्थिर न होना
Q8.सभी मनुष्य एक ही प्रकार से देखते-सुनते हैं, पर एक समान विचार नहीं रखते हैं। सभी अपनी-अपनी मनोवृत्तियों के अनुसार कार्य करते हैं। एक समान होने के लिए क्या आवश्यक है?
उत्तर:
उपर्युक्त सभी