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सविनय अवज्ञा आंदोलन

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of India (1740-1947 AD) (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

सविनय अवज्ञा आंदोलन — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण चरण था, जिसकी शुरुआत महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1930 में हुई थी। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के अन्यायपूर्ण कानूनों का शांतिपूर्ण ढंग से उल्लंघन करना था। भारतीय समाज में ब्रिटिश शासन के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा था, और 1929 के लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज्य की मांग ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। गांधीजी ने नमक कानून को तोड़ने के लिए दांडी यात्रा की, जिससे आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाया गया। यह आंदोलन न केवल ब्रिटिश शासन के विरुद्ध था, बल्कि भारतीय समाज में एकता, आत्मनिर्भरता और अहिंसा के सिद्धांतों को भी मजबूत करता था।

  • सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में प्रारंभ हुआ।
  • महात्मा गांधी ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया।
  • आंदोलन का मुख्य उद्देश्य अन्यायपूर्ण ब्रिटिश कानूनों का शांतिपूर्ण उल्लंघन था।
  • नमक कानून तोड़ना आंदोलन की प्रमुख घटना थी।
  • आंदोलन ने भारतीय समाज में एकता और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रबल किया।
  • 📌 सविनय अवज्ञा आंदोलन: ब्रिटिश कानूनों का अहिंसात्मक उल्लंघन।
  • 📌 नमक सत्याग्रह: नमक कानून के विरोध में किया गया आंदोलन।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

व्याख्या

आंदोलन की पृष्ठभूमि

सविनय अवज्ञा आंदोलन की पृष्ठभूमि में 1920 के दशक के अंत में भारतीय राजनीति में आए बदलाव महत्वपूर्ण हैं। 1919 के रौलट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड और असहयोग आंदोलन के स्थगन के बाद भारतीयों में असंतोष बढ़ा। 1927 में साइमन कमीशन का भारत आगमन और उसमें किसी भी भारतीय सदस्य का न होना, भारतीयों के लिए अपमानजनक था। 1928 में नेहरू रिपोर्ट के माध्यम से भारतीय नेताओं ने संविधान का मसौदा प्रस्तुत किया, जिसे ब्रिटिश सरकार ने अस्वीकार कर दिया। 1929 के लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य की मांग की घोषणा की। इन घटनाओं ने सविनय अवज्ञा आंदोलन की नींव रखी।

  • रौलट एक्ट और जलियांवाला बाग हत्याकांड से असंतोष बढ़ा।
  • साइमन कमीशन में भारतीय सदस्य न होने से विरोध हुआ।
  • नेहरू रिपोर्ट को ब्रिटिश सरकार ने अस्वीकार किया।
  • 1929 में पूर्ण स्वराज्य की मांग की गई।
  • इन घटनाओं ने आंदोलन की नींव रखी।
  • 📌 रौलट एक्ट: बिना मुकदमे के गिरफ्तारी का कानून।
  • 📌 नेहरू रिपोर्ट: भारतीय संविधान का प्रारूप।

आंदोलन की शुरुआत

व्याख्या

आंदोलन की शुरुआत

सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील की यात्रा के साथ की। यह यात्रा 24 दिनों तक चली और 6 अप्रैल 1930 को गांधीजी ने समुद्र तट पर नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून का उल्लंघन किया। इस यात्रा में 78

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History of India (1740-1947 AD) · Vardhman Mahaveer Open University

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1अठारहवीं सदी के मध्य भारत की राजनीतिक स्थिति
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2पानीपत का तृतीय युद्ध तथा उसके परिणाम
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3भारत में अंग्रेज - फ्रांसीसी संघर्ष
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4बंगाल में ब्रिटिश शासन की स्थापना
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5अंग्रेज - मराठा संघर्ष
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6अंग्रेज मैसूर युद्ध
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7उत्तर भारत में ब्रिटिश सत्ता का विस्तार: अवध एवं
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8देशी रियासतों में ब्रिटिश सर्वोच्चता का विकास
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9स्थायी, रैयतवाड़ी तथा महलवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था की
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10मुख्य सामाजिक - धार्मिक सुधार आंदोलन
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11Chapter 11
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13ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव
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15भारतीय राष्ट्रवाद का उदय तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
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