Ch 15निःशुल्क

आर्थिक विकास का हेरोड-डोमर मॉडल

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Macro Economics (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट

आर्थिक विकास का हेरोड-डोमर मॉडल — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

16.1 परिचय

व्याख्या

16.1 परिचय

इस अनुभाग में आर्थिक विकास के सिद्धांतों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और हेरोड-डोमर मॉडल के विकास की आवश्यकता को समझाया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, कई विकासशील देशों को आर्थिक विकास की दिशा में मार्गदर्शन की आवश्यकता थी। इस संदर्भ में, हेरोड (Harrod) और डोमर (Domar) ने स्वतंत्र रूप से आर्थिक विकास के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे हेरोड-डोमर मॉडल के नाम से जाना जाता है। यह मॉडल पूंजी संचय (Capital Accumulation) और निवेश (Investment) के महत्व को रेखांकित करता है। यह मॉडल बताता है कि किसी देश की आर्थिक वृद्धि दर उसके निवेश की दर और पूंजी-उत्पाद अनुपात (Capital-Output Ratio) पर निर्भर करती है। इस मॉडल ने विकासशील देशों की योजनाओं के लिए आधार प्रदान किया।

  • हेरोड-डोमर मॉडल द्वितीय विश्व युद्ध के बाद प्रस्तुत किया गया।
  • यह मॉडल पूंजी संचय और निवेश पर केंद्रित है।
  • आर्थिक विकास के लिए निवेश की भूमिका को स्पष्ट करता है।
  • मॉडल के अनुसार, विकास दर निवेश दर और पूंजी-उत्पाद अनुपात पर निर्भर करती है।
  • विकासशील देशों की योजनाओं के लिए यह मॉडल आधार बना।
  • 📌 आर्थिक विकास: उत्पादन और आय में दीर्घकालिक वृद्धि।
  • 📌 पूंजी संचय: उत्पादन के साधनों में वृद्धि।

16.2 हेरोड-डोमर मॉडल की संरचना

अवधारणा

16.2 हेरोड-डोमर मॉडल की संरचना

हेरोड-डोमर मॉडल की संरचना दो मुख्य तत्वों पर आधारित है: (1) पूंजी-उत्पाद अनुपात (Capital-Output Ratio) और (2) बचत दर (Saving Rate)। मॉडल मानता है कि उत्पादन में वृद्धि के लिए पूंजी निवेश आवश्यक है, और यह निवेश बचत से ही संभव होता है। मॉडल की मुख्य धारणाएँ हैं: (1) उत्पादन केवल पूंजी पर निर्भर करता है, (2) पूंजी-उत्पाद अनुपात स्थिर है, (3) बचत दर स्थिर है, (4) पूर्ण रोजगार की स्थिति है, (5) कोई समय अंतराल नहीं है। मॉडल के अनुसार, यदि बचत दर और पूंजी-उत्पाद अनुपात ज्ञात हों, तो आर्थिक वृद्धि दर ज्ञात की जा सकती है।

  • मॉडल दो मुख्य तत्वों पर आधारित है: पूंजी-उत्पाद अनुपात और बचत दर।
  • उत्पादन में वृद्धि के लिए पूंजी निवेश आवश्यक है।
  • पूंजी निवेश बचत से ही संभव है।
  • मॉडल की मुख्य धारणाएँ: स्थिर पूंजी-उत्पाद अनुपात, स्थिर बचत दर।
  • पूर्ण रोजगार की स्थिति मानी गई है।
  • 📌 पूंजी-उत्पाद अनुपात: एक यूनिट उत्पादन के लिए आवश्यक पूंजी।
  • 📌 बचत दर: कुल आय में से बचाई गई राशि का अनुपात।

16.3 मॉडल का गणितीय रूपांतरण

सूत्र

16.3 मॉडल का गणितीय रूपांतरण

इस अनुभाग में हेरोड-डोमर मॉडल का गणितीय रूपांतरण प्रस्तुत किया गया है। मॉडल के अनुसार, किसी अर्थव्यवस्था की आय (Y) में परिवर्तन, पूंजी निवेश (I) और पूंजी-उत्पाद अनुपात (v) पर निर्भर करता है। यदि S कुल बचत है, तो S = s × Y (जहाँ s = बचत दर)। पूंजी-उत्

SLM - Macro Economics (Hindi) के सभी 15 अध्याय

Macro Economics · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1समष्टि अर्थशास्त्र का अर्थ, प्रकृति एवं महत्व
9 नोट्स
2राष्ट्रीय आय – अर्थ, महत्व, माप की विधियाँ एवं कठिनाइयाँ
10 नोट्स
3राष्ट्रीय आय लेखांकन में पर्यावरणीय संदर्भ (भारत लेखांकन)
9 नोट्स
4रोजगार का परंपरागत सिद्धांत, से का नियम एवं परंपरागत सिद्धांत
9 नोट्स
5रोजगार का कीन्सियन सिद्धांत – AD एवं AS फलन एवं प्रभावपूर्ण मांग
9 नोट्स
6कीन्स का उपभोग फलन
10 नोट्स
7व्याज के सिद्धांत – परंपरागत, नव-परंपरागत एवं कीन्सियन
9 नोट्स
8गुणक एवं प्रवर्तक सिद्धांत
11 नोट्स
9विदेश एवं स्वर्ण मुद्रा का व्यापार चक्र सिद्धांत
9 नोट्स
10व्यापार चक्र का आधुनिक सिद्धांत एवं व्यापार चक्र नियंत्रण
10 नोट्स
11आर्थिक विकास का अर्थ, आर्थिक विकास का परंपरागत सिद्धांत
10 नोट्स
12मार्क्स का आर्थिक विकास का सिद्धांत
10 नोट्स
13से 16 तक की गई है।
9 नोट्स
14शुम्पीटर का आर्थिक विकास सिद्धांत
9 नोट्स
15आर्थिक विकास का हेरोड-डोमर मॉडल
वर्तमान