Ch 15निःशुल्क

आर्थिक विकास का हेरोड-डोमर मॉडल

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Macro Economics (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट

आर्थिक विकास का हेरोड-डोमर मॉडल — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

16.1 परिचय

व्याख्या

16.1 परिचय

इस खंड में आर्थिक विकास के हेरोड-डोमर मॉडल की पृष्ठभूमि और आवश्यकता को समझाया गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व के कई देशों में आर्थिक पुनर्निर्माण की आवश्यकता थी। इस संदर्भ में, हेरोड और डोमर ने एक मॉडल प्रस्तुत किया, जो पूंजी निवेश और आर्थिक विकास के बीच संबंध को स्पष्ट करता है। यह मॉडल मुख्य रूप से यह बताता है कि किसी देश की आर्थिक वृद्धि दर उसके निवेश दर और पूंजी की उत्पादकता पर निर्भर करती है। हेरोड-डोमर मॉडल को 'डायनामिक ग्रोथ मॉडल' भी कहा जाता है क्योंकि यह समय के साथ आर्थिक वृद्धि की प्रक्रिया को दर्शाता है। इस मॉडल की विशिष्टता यह है कि यह आर्थिक विकास के लिए आवश्यक शर्तों को गणितीय रूप में प्रस्तुत करता है।

  • हेरोड-डोमर मॉडल द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विकसित हुआ।
  • यह मॉडल पूंजी निवेश और आर्थिक विकास के बीच संबंध को दर्शाता है।
  • मॉडल में आर्थिक वृद्धि दर को निवेश दर और पूंजी की उत्पादकता से जोड़ा गया है।
  • यह मॉडल विकास की गणितीय व्याख्या करता है।
  • मॉडल को डायनामिक ग्रोथ मॉडल भी कहा जाता है।
  • 📌 आर्थिक विकास: उत्पादन और आय में दीर्घकालिक वृद्धि।
  • 📌 पूंजी निवेश: नए उत्पादन साधनों में धन लगाना।

16.2 हेरोड-डोमर मॉडल की संरचना

अवधारणा

16.2 हेरोड-डोमर मॉडल की संरचना

इस खंड में हेरोड-डोमर मॉडल की संरचना और उसकी मुख्य धारणाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। मॉडल की संरचना में यह माना गया है कि आर्थिक वृद्धि मुख्यतः दो कारकों पर निर्भर करती है: (1) पूंजी की उत्पादकता (Capital Output Ratio), और (2) निवेश दर (Savings Rate)। मॉडल में यह भी माना गया है कि उत्पादन के लिए केवल पूंजी आवश्यक है, श्रम की भूमिका को स्थिर मान लिया गया है। हेरोड-डोमर मॉडल में यह भी मान लिया गया है कि अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोजगार की स्थिति है और सभी संसाधनों का पूर्ण उपयोग होता है।

  • मॉडल में पूंजी की उत्पादकता और निवेश दर को मुख्य कारक माना गया है।
  • श्रम की भूमिका को स्थिर मान लिया गया है।
  • पूर्ण रोजगार और संसाधनों के पूर्ण उपयोग की धारणा।
  • मॉडल में उत्पादन के लिए केवल पूंजी आवश्यक है।
  • मॉडल की संरचना गणितीय समीकरणों पर आधारित है।
  • 📌 पूंजी की उत्पादकता (v): प्रति इकाई पूंजी से प्राप्त उत्पादन।
  • 📌 निवेश दर (s): कुल राष्ट्रीय आय में से बचत का अनुपात।

16.3 हेरोड-डोमर मॉडल का गणितीय विश्लेषण

सूत्र

16.3 हेरोड-डोमर मॉडल का गणितीय विश्लेषण

इस खंड में हेरोड-डोमर मॉडल के गणितीय विश्लेषण को विस्तार से समझाया गया है। मॉडल के अनुसार, आर्थिक वृद्धि दर (g) को निवेश दर (s) और पूंजी की उत्पादकता (v) के अनुपात से प्राप्त किया जाता है। समीकरण: g = s ÷ v, जहाँ g = वृद्धि दर, s = बचत दर, v = पूंजी

SLM - Macro Economics (Hindi) के सभी 15 अध्याय

Macro Economics · Vardhman Mahaveer Open University

विषय पृष्ठ →
1समष्टि अर्थशास्त्र का अर्थ, प्रकृति एवं महत्व
9 नोट्स
2राष्ट्रीय आय – अर्थ, महत्व, माप की विधियाँ एवं कठिनाइयाँ
10 नोट्स
3राष्ट्रीय आय लेखांकन में पर्यावरणीय संदर्भ (भारत लेखांकन)
8 नोट्स
4रोजगार का परंपरागत सिद्धांत, से का नियम एवं परंपरागत सिद्धांत
10 नोट्स
5रोजगार का कीन्सियन सिद्धांत – AD एवं AS फलन एवं प्रभावपूर्ण मांग
8 नोट्स
6कीन्स का उपभोग फलन
9 नोट्स
7व्याज के सिद्धांत – परंपरागत, नव-परंपरागत एवं कीन्सियन
9 नोट्स
8गुणक एवं प्रवर्तक सिद्धांत
10 नोट्स
9विदेश एवं स्वर्ण मुद्रा का व्यापार चक्र सिद्धांत
9 नोट्स
10व्यापार चक्र का आधुनिक सिद्धांत एवं व्यापार चक्र नियंत्रण
10 नोट्स
11आर्थिक विकास का अर्थ, आर्थिक विकास का परंपरागत सिद्धांत
10 नोट्स
12मार्क्स का आर्थिक विकास का सिद्धांत
9 नोट्स
13से 16 तक की गई है।
10 नोट्स
14शुम्पीटर का आर्थिक विकास सिद्धांत
9 नोट्स
15आर्थिक विकास का हेरोड-डोमर मॉडल
वर्तमान