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मूल कण 221—236

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Nuclear Physics (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

मूल कण 221—236 — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

13.1 परिचय

व्याख्या

13.1 परिचय

इस अनुभाग में परमाणु के मूल कणों के अध्ययन का महत्व बताया गया है। परमाणु भौतिकी का यह भाग परमाणु के भीतरी संरचना, अर्थात् नाभिक और उसमें उपस्थित कणों के बारे में विस्तार से चर्चा करता है। नाभिकीय भौतिकी में मुख्य रूप से प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, इलेक्ट्रॉन, तथा अन्य उपकणों का अध्ययन किया जाता है। इन कणों की खोज, उनके गुण, और उनके आपसी क्रियाओं का अध्ययन नाभिकीय भौतिकी का मूल उद्देश्य है। परमाणु के केंद्र में स्थित नाभिक अत्यंत घना और छोटा होता है, जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन उपस्थित रहते हैं। इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर कक्षा में घूमते हैं। नाभिकीय बल, जो प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को एक साथ बांधकर रखता है, अत्यंत शक्तिशाली होता है। इस अध्याय में हम नाभिक के अंदर उपस्थित कणों, उनकी खोज, उनके गुण, और उनके आपसी संबंधों का अध्ययन करेंगे।

  • नाभिकीय भौतिकी परमाणु के केंद्रक और उसमें उपस्थित कणों का अध्ययन करती है।
  • प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, और इलेक्ट्रॉन परमाणु के मुख्य कण हैं।
  • नाभिक अत्यंत घना और छोटा होता है।
  • नाभिकीय बल अत्यंत शक्तिशाली होता है।
  • मूल कणों की खोज ने आधुनिक भौतिकी में क्रांति ला दी।
  • 📌 नाभिक (Nucleus): परमाणु का केंद्रक, जिसमें प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं।
  • 📌 मूल कण (Elementary Particle): वे कण जो और अधिक विभाजित नहीं किए जा सकते।

13.2 मूल कणों की खोज

व्याख्या

13.2 मूल कणों की खोज

इस अनुभाग में मूल कणों की खोज का ऐतिहासिक विकास विस्तार से बताया गया है। सबसे पहले इलेक्ट्रॉन की खोज जे. जे. थॉमसन ने 1897 में की थी। इसके बाद प्रोटॉन की खोज रदरफोर्ड ने 1919 में की। न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1932 में की। इन खोजों ने परमाणु के भीतरी संरचना को समझने में क्रांति ला दी। इलेक्ट्रॉन की खोज कैथोड किरण नलिका प्रयोग द्वारा हुई, जिसमें विद्युत् क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव से इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति सिद्ध हुई। प्रोटॉन की खोज नाइट्रोजन गैस पर अल्फा कणों की बमबारी द्वारा हुई, जिससे हाइड्रोजन नाभिक (प्रोटॉन) निकला। न्यूट्रॉन की खोज बेरिलियम पर अल्फा कणों की बमबारी से हुई, जिससे एक निःशुल्क, विद्युत-रहित कण निकला। इन सभी खोजों ने परमाणु के मॉडल को और अधिक सटीक बनाया।

  • इलेक्ट्रॉन की खोज 1897 में जे. जे. थॉमसन ने की।
  • प्रोटॉन की खोज 1919 में रदरफोर्ड ने की।
  • न्यूट्रॉन की खोज 1932 में चैडविक ने की।
  • इन खोजों ने परमाणु के भीतरी संरचना को स्पष्ट किया।
  • प्रत्येक कण की खोज के लिए विशिष्ट प्रयोग किए गए।
  • 📌 इलेक्ट्रॉन: ऋणात्मक आवेशित मूल कण।
  • 📌 प्रोटॉन: धनात्मक आवेशित मूल कण।
  • 📌 न्यूट्रॉन: विद्युत-रहित मूल कण।

13.3 प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन के गुण

अवधारणा

13.3 प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन के गुण

इस अनुभाग में प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन के भौतिक गुणों का विस्तार से वर्णन किया गया है। प्रोटॉन का आवेश +1.602 × 10^-19 कूलॉम्ब होता है, जबकि इलेक्ट्रॉन का आवेश -1.602 × 10^-19 कूलॉम्ब होता है। न्यूट्रॉन का कोई आवेश नहीं होता। प्रोटॉन और न्यूट