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पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्पादन तथा कीमत का निर्धारण

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Micro Economic Theory (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्पादन तथा कीमत का निर्धारण — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 पूर्ण प्रतियोगिता का अर्थ

अवधारणा

12.1 पूर्ण प्रतियोगिता का अर्थ

पूर्ण प्रतियोगिता (Perfect Competition) वह बाजार स्थिति है जिसमें बहुत अधिक संख्या में विक्रेता और खरीदार होते हैं, सभी विक्रेता एक ही प्रकार का समरूप (homogeneous) उत्पाद बेचते हैं, और किसी भी एक विक्रेता या खरीदार के पास बाजार मूल्य को प्रभावित करने की शक्ति नहीं होती। इस बाजार में प्रवेश और निकास पर कोई प्रतिबंध नहीं होता। प्रत्येक विक्रेता और खरीदार के पास पूर्ण जानकारी होती है। इस प्रकार की प्रतियोगिता में सभी फर्में मूल्य-ग्राही (Price Taker) होती हैं, अर्थात वे बाजार द्वारा निर्धारित मूल्य को स्वीकार करती हैं।

  • पूर्ण प्रतियोगिता में विक्रेताओं और खरीदारों की संख्या बहुत अधिक होती है।
  • सभी विक्रेता एक समान उत्पाद बेचते हैं।
  • बाजार में प्रवेश और निकास पर कोई प्रतिबंध नहीं होता।
  • सभी प्रतिभागियों के पास पूर्ण जानकारी होती है।
  • कोई भी फर्म या खरीदार मूल्य को प्रभावित नहीं कर सकता।
  • फर्में मूल्य-ग्राही होती हैं।
  • 📌 पूर्ण प्रतियोगिता: वह बाजार जहाँ बहुत सारे विक्रेता-खरीदार, समरूप वस्तु, स्वतंत्र प्रवेश-निकास, और पूर्ण जानकारी होती है।
  • 📌 मूल्य-ग्राही: वह फर्म जो बाजार द्वारा निर्धारित मूल्य को स्वीकार करती है।

12.2 पूर्ण प्रतियोगिता के लक्षण

व्याख्या

12.2 पूर्ण प्रतियोगिता के लक्षण

पूर्ण प्रतियोगिता के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं: 1. बड़ी संख्या में खरीदार और विक्रेता: बाजार में इतनी अधिक संख्या में खरीदार और विक्रेता होते हैं कि किसी एक का प्रभाव मूल्य पर नहीं पड़ता। 2. समरूप उत्पाद: सभी विक्रेता एक ही प्रकार का, गुणवत्ता और विशेषताओं में समान उत्पाद बेचते हैं। 3. स्वतंत्र प्रवेश और निकास: किसी भी फर्म के लिए बाजार में प्रवेश या बाहर निकलने पर कोई प्रतिबंध नहीं होता। 4. पूर्ण जानकारी: सभी प्रतिभागियों के पास उत्पाद, मूल्य, और बाजार की पूरी जानकारी होती है। 5. कोई परिवहन लागत नहीं: आदर्श स्थिति में, उत्पाद को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में कोई लागत नहीं लगती। 6. कोई विज्ञापन लागत नहीं: सभी उत्पाद एक जैसे हैं, इसलिए विज्ञापन की आवश्यकता नहीं होती। इन लक्षणों के कारण, पूर्ण प्रतियोगिता में बाजार मूल्य एक समान रहता है और सभी फर्में उसे स्वीकार करती हैं।

  • खरीदारों और विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है।
  • सभी विक्रेता समरूप वस्तु बेचते हैं।
  • बाजार में स्वतंत्र प्रवेश और निकास की सुविधा होती है।
  • सभी के पास पूर्ण जानकारी उपलब्ध होती है।
  • कोई परिवहन या विज्ञापन लागत नहीं होती।
  • मूल्य निर्धारण बाजार की शक्तियों द्वारा होता है।
  • 📌 समरूप उत्पाद: गुण, रंग, आकार आदि में पूरी तरह समान वस्तु।
  • 📌 स्वतंत्र प्रवेश-निकास: बाजार में आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं।

12.3 पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म की मांग वक्र

व्याख्या

12.3 पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म की मांग वक्र

पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म की मांग वक्र (Demand Curve) पूरी तरह प्रत्यास्थ (Perfectly Elastic) होती है। इसका अर्थ है कि फर्म किसी भी मात्रा में उत्पाद बेच सकती है, लेकिन उसे बाजार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही बेचना होगा। यदि फर्म मूल्य बढ़ाती है तो क

SLM - Micro Economic Theory (Hindi) के सभी 17 अध्याय

Micro Economic Theory · Vardhman Mahaveer Open University

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12पूर्ण प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्पादन तथा कीमत का निर्धारण
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14एकाधिकारात्मक प्रतियोगिता
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15वितरण का सीमांत उत्पादकता सिद्धांत
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