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जनसंख्या वृद्धि

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Economic Policy & Rural Development (Hindi)📖 8 नोट्स⏱️ ~12 मिनट

जनसंख्या वृद्धि — अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

12.1 प्रस्तावना

व्याख्या

12.1 प्रस्तावना

इस अनुभाग में जनसंख्या वृद्धि के विषय को प्रस्तावना के रूप में प्रस्तुत किया गया है। भारत जैसे विकासशील देश में जनसंख्या वृद्धि एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक मुद्दा है। जनसंख्या वृद्धि का अर्थ है किसी क्षेत्र में लोगों की संख्या का समय के साथ बढ़ना। यह वृद्धि प्राकृतिक कारणों (जन्म और मृत्यु दर) तथा प्रवास (migration) के कारण होती है। जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव देश की आर्थिक नीति, संसाधनों की उपलब्धता, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण आदि पर पड़ता है। भारत में स्वतंत्रता के बाद जनसंख्या वृद्धि की दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे देश के विकास की योजनाओं पर दबाव बढ़ा है। इस अध्याय में जनसंख्या वृद्धि के कारण, प्रभाव, नियंत्रण के उपाय तथा ग्रामीण विकास के संदर्भ में इसकी भूमिका का विश्लेषण किया गया है।

  • जनसंख्या वृद्धि का अर्थ है लोगों की संख्या में समय के साथ बढ़ोतरी।
  • भारत में जनसंख्या वृद्धि एक प्रमुख सामाजिक-आर्थिक समस्या है।
  • जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव आर्थिक नीति, संसाधनों, रोजगार, शिक्षा आदि पर पड़ता है।
  • स्वतंत्रता के बाद भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में तेजी आई है।
  • जनसंख्या वृद्धि के कारण देश की विकास योजनाओं पर दबाव बढ़ा है।
  • इस अध्याय में जनसंख्या वृद्धि के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया गया है।
  • 📌 जनसंख्या वृद्धि: लोगों की संख्या में समय के साथ बढ़ोतरी।
  • 📌 प्राकृतिक वृद्धि: जन्म और मृत्यु दर के अंतर से उत्पन्न वृद्धि।
  • 📌 प्रवास: लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण।

12.2 जनसंख्या वृद्धि के कारण

अवधारणा

12.2 जनसंख्या वृद्धि के कारण

इस अनुभाग में जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया गया है। भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारणों को दो श्रेणियों में बांटा गया है: प्राकृतिक कारण और सामाजिक-आर्थिक कारण। प्राकृतिक कारणों में जन्म दर का अधिक होना और मृत्यु दर का कम होना शामिल है। चिकित्सा विज्ञान में प्रगति, टीकाकरण, पोषण में सुधार आदि के कारण मृत्यु दर में कमी आई है। सामाजिक-आर्थिक कारणों में अशिक्षा, गरीबी, बाल विवाह, महिलाओं की सामाजिक स्थिति, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताएँ, प्रवास आदि शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को आर्थिक सहायता और वृद्धावस्था में सहारा मानने की प्रवृत्ति भी जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देती है।

  • जनसंख्या वृद्धि के प्राकृतिक कारण: जन्म दर अधिक, मृत्यु दर कम।
  • चिकित्सा विज्ञान में प्रगति से मृत्यु दर में कमी आई।
  • सामाजिक-आर्थिक कारण: अशिक्षा, गरीबी, बाल विवाह, महिलाओं की स्थिति।
  • धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताएँ भी जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करती हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को आर्थिक सहारा मानने की प्रवृत्ति।
  • प्रवास (migration) भी जनसंख्या वृद्धि का कारण है।
  • 📌 जन्म दर: प्रति 1000 जनसंख्या पर जन्मों की संख्या।
  • 📌 मृत्यु दर: प्रति 1000 जनसंख्या पर मृत्यु की संख्या।
  • 📌 बाल विवाह: कम उम्र में विवाह होने की सामाजिक प्रथा।

12.3 जनसंख्या वृद्धि के प्रभाव

व्याख्या

12.3 जनसंख्या वृद्धि के प्रभाव

इस अनुभाग में जनसंख्या वृद्धि के विभिन्न प्रभावों का विश्लेषण किया गया है। जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय तथा राजनीतिक क्षेत्रों में देखा जाता है। आर्थिक प्रभावों में बेरोजगारी, गरीबी, संसाधनों पर दबाव, खाद्य संकट, आवास की कमी,

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