वायुमंडलीय दाब: कक्षा 11 के लिए सम्पूर्ण भूगोल अध्ययन
द्वारा MyStudyCoach Team · प्रकाशित 2 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

वायुमंडलीय दाब वह बल है जो वायु अपने वजन से पृथ्वी की सतह पर डालती है। कक्षा 11 के भूगोल में इसका अध्ययन मौसम और जलवायु को समझने के लिए आवश्यक है। इस लेख में हम वायुमंडलीय दाब के वितरण, कारण और प्रभाव को विस्तार से जानेंगे।
वायुमंडलीय दाब क्या है?
वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure) वह दबाव है जो वायु के कण पृथ्वी की सतह पर डालते हैं। इसे मिलीबार (mb) या हेक्टोपास्कल (hPa) में मापा जाता है। वायुमंडलीय दाब वायु के घनत्व, तापमान और ऊँचाई पर निर्भर करता है। समुद्रतल पर औसत वायुमंडलीय दाब लगभग 1013 mb होता है।
- वायुमंडलीय दाब वायु के वजन के कारण उत्पन्न होता है।
- ऊँचाई बढ़ने पर दाब कम होता है क्योंकि वायु की मात्रा घटती है।
- तापमान बढ़ने से वायु फैलती है, जिससे दाब में बदलाव आता है।
इसका अध्ययन मौसम विज्ञान और जलवायु विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
समुद्रतल पर वायुमंडलीय दाब का वितरण
पृथ्वी के विभिन्न अक्षांशों पर समुद्रतल पर वायुमंडलीय दाब का वितरण अलग-अलग होता है। यह वितरण मौसम और जलवायु को प्रभावित करता है।
- विषुवत् वृत्त (Equator) के निकट निम्न दाब क्षेत्र होते हैं, जिन्हें विषुवतीय निम्न अवदाब क्षेत्र कहा जाता है।
- लगभग 30° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों पर उच्च दाब क्षेत्र होते हैं, जिन्हें उपोष्ण उच्च वायुदाब क्षेत्र कहा जाता है।
- 60° अक्षांशों पर फिर से निम्न दाब क्षेत्र बनते हैं, जिन्हें अधोध्रुवीय निम्नदाब पट्टियाँ कहा जाता है।
- ध्रुवों के निकट उच्च वायुदाब क्षेत्र होते हैं, जिन्हें ध्रुवीय उच्च वायुदाब पट्टी कहा जाता है।
| अक्षांश क्षेत्र | वायुमंडलीय दाब | नाम |
|---|---|---|
| 0° (विषुवत्) | निम्न | विषुवतीय निम्न अवदाब |
| 30° उत्तर/दक्षिण | उच्च | उपोष्ण उच्च वायुदाब |
| 60° उत्तर/दक्षिण | निम्न | अधोध्रुवीय निम्नदाब |
| 90° (ध्रुव) | उच्च | ध्रुवीय उच्च वायुदाब |
यह वितरण ऋतुओं के अनुसार थोड़ा-बहुत स्थानांतरित होता रहता है।
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वायुमंडलीय दाब के प्रकार और उनके कारण
वायुमंडलीय दाब मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
1. स्थैतिक दाब (Static Pressure): यह वायु के स्थिर भार के कारण होता है। 2. गतिशील दाब (Dynamic Pressure): यह वायु के गति से उत्पन्न होता है।
इसके अलावा, दाब में परिवर्तन के कारण:
- तापमान परिवर्तन: गर्म हवा फैलती है, जिससे दाब कम होता है। ठंडी हवा संकुचित होती है, जिससे दाब बढ़ता है।
- ऊँचाई: ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दाब घटता है क्योंकि ऊपर की ओर वायु का भार कम होता है।
- वायु प्रवाह: हवा के बहाव से दाब में उतार-चढ़ाव आते हैं, जो पवनों का कारण बनते हैं।
सूत्र:
समुद्रतल पर दाब मापन के लिए सामान्यतः $P = \frac{F}{A}$ का प्रयोग होता है, जहाँ $P$ दाब, $F$ बल और $A$ क्षेत्रफल है।
वायुमंडलीय दाब का मौसम पर प्रभाव
वायुमंडलीय दाब सीधे मौसम और जलवायु को प्रभावित करता है। निम्न दाब वाले क्षेत्र में हवा ऊपर उठती है, जिससे बादल बनते हैं और वर्षा होती है। उच्च दाब वाले क्षेत्र में हवा नीचे गिरती है, जिससे मौसम साफ़ और शुष्क रहता है।
- निम्न दाब क्षेत्र: बारिश, तूफान और बादल बनते हैं।
- उच्च दाब क्षेत्र: साफ़ आसमान और स्थिर मौसम रहता है।
यह दाब परिवर्तन वैश्विक पवन तंत्र को नियंत्रित करता है, जैसे:
- विषुवतीय पवन
- पश्चिमी पवन
- ध्रुवीय पूर्वी पवन
इन पवनों से भारत में मानसून और अन्य मौसमी बदलाव प्रभावित होते हैं।
वायुमंडलीय दाब मापन के उपकरण
वायुमंडलीय दाब मापन के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग किया जाता है:
- बारोमीटर: यह दाब मापने का मुख्य यंत्र है। दो प्रकार के बारोमीटर होते हैं:
- मेरकरी बारोमीटर: इसमें पारा स्तंभ की ऊँचाई से दाब मापा जाता है।
- एनेरोइड बारोमीटर: इसमें धातु की एकल दीवार वाली डिब्बी दाब के अनुसार सिकुड़ती या फैलती है।
- मैनोमीटर: यह छोटे दाब मापन के लिए उपयोग होता है।
बारोमीटर से प्राप्त दाब को मिलीबार या हेक्टोपास्कल में दर्शाया जाता है।
उदाहरण: यदि पारा स्तंभ की ऊँचाई 76 सेमी है, तो समुद्रतल का वायुमंडलीय दाब लगभग 1013 mb होता है।
वायुमंडलीय दाब और वैश्विक पवन तंत्र का संबंध
वायुमंडलीय दाब के विभिन्न क्षेत्र पृथ्वी पर पवनों के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। उच्च दाब से निम्न दाब की ओर हवा बहती है, जिससे पवन बनते हैं।
- विषुवतीय निम्न दाब क्षेत्र के कारण गर्म हवा ऊपर उठती है।
- 30° अक्षांशों पर उच्च दाब क्षेत्र ठंडी हवा को नीचे धकेलता है।
- 60° अक्षांशों पर फिर से निम्न दाब क्षेत्र बनता है, जो ध्रुवीय हवा के साथ टकराता है।
इस प्रकार, वायुमंडलीय दाब का वितरण वैश्विक पवन चक्र (जैसे ट्रेड विंड्स, वेस्टर्न्स) को प्रभावित करता है।
| क्षेत्र | दाब स्तर | पवन का प्रकार |
|---|---|---|
| विषुवतीय क्षेत्र | निम्न | ट्रेड विंड्स (पूर्वी पवन) |
| उपोष्ण क्षेत्र | उच्च | स्थिर और सूखा मौसम |
| अधोध्रुवीय क्षेत्र | निम्न | पश्चिमी पवन |
| ध्रुवीय क्षेत्र | उच्च | ध्रुवीय पूर्वी पवन |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वायुमंडलीय दाब किस इकाई में मापा जाता है?
वायुमंडलीय दाब मुख्य रूप से मिलीबार (mb) या हेक्टोपास्कल (hPa) में मापा जाता है।
विषुवतीय निम्न अवदाब क्षेत्र क्या होता है?
यह विषुवत् वृत्त के निकट का क्षेत्र होता है जहाँ वायुमंडलीय दाब कम होता है और हवा ऊपर उठती है।
वायुमंडलीय दाब मौसम को कैसे प्रभावित करता है?
निम्न दाब क्षेत्र बारिश और बादल बनाते हैं, जबकि उच्च दाब क्षेत्र साफ़ और स्थिर मौसम लाते हैं।
बारोमीटर क्या है?
बारोमीटर एक उपकरण है जो वायुमंडलीय दाब को मापता है, जैसे कि पारा या एनेरोइड बारोमीटर।
वायुमंडलीय दाब में परिवर्तन के कारण क्या होते हैं?
तापमान, ऊँचाई और वायु प्रवाह वायुमंडलीय दाब में परिवर्तन के मुख्य कारण हैं।
ध्रुवीय उच्च वायुदाब क्षेत्र क्या है?
ध्रुवों के निकट का क्षेत्र जहाँ वायुमंडलीय दाब अधिक होता है और ठंडी, स्थिर हवा होती है।
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