वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण: कक्षा 12 के लिए सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
द्वारा MyStudyCoach Team · प्रकाशित 2 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण कक्षा 12 की भौतिकी का महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें हम विद्युत धारा के परिवर्तन से उत्पन्न प्रेरित ईएमएफ के सिद्धांत और प्रेरकत्व की अवधारणा को समझेंगे।
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण क्या है?
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) वह प्रक्रिया है जिसमें किसी कुंडली में चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन से विद्युत् धारा उत्पन्न होती है। यह सिद्धांत माइकल फैराडे ने खोजा था। जब किसी कुंडली के आस-पास चुंबकीय क्षेत्र में बदलाव होता है, तो उसमें एक प्रेरित ईएमएफ (emf) उत्पन्न होता है। यह ईएमएफ धारा के प्रवाह का कारण बनता है। कक्षा 12 के NCERT भौतिकी में यह अध्याय विद्युत चुंबक, डायनेमो और मोटर के कार्य को समझने के लिए आधार प्रदान करता है।
प्रेरकत्व (Inductance) की अवधारणा
प्रेरकत्व वह गुण है जिसके कारण किसी कुंडली में धारा के परिवर्तन से emf उत्पन्न होती है। यदि किसी कुंडली में चुंबकीय फ्लक्स $\Phi_B$ धारा $I$ के समानुपाती हो, तो इसे निम्न प्रकार लिखा जा सकता है:
$$ N \times \Phi_B = L \times I $$
यहाँ,
- $N$ = कुंडली के फेरों की संख्या
- $L$ = प्रेरकत्व (Inductance)
- $I$ = धारा
प्रेरकत्व कुंडली की ज्यामिति (जैसे आकार, क्षेत्रफल) और उसके पदार्थ के गुणों पर निर्भर करता है। इसकी SI इकाई हेनरी (Henry) है, जिसे $H$ से दर्शाया जाता है।
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण पर अपने आप को परखें? हमारा मुफ़्त क्विज़ हल करें →
स्व-प्रेरकत्व और अन्योन्य प्रेरकत्व
स्व-प्रेरकत्व (Self Inductance) तब होता है जब किसी कुंडली में धारा परिवर्तन से उसी कुंडली में emf उत्पन्न होता है। इसका सूत्र है:
$$ \varepsilon = -L \frac{dI}{dt} $$
यहाँ $\varepsilon$ प्रेरित emf है, $L$ प्रेरकत्व और $\frac{dI}{dt}$ धारा का समय के साथ परिवर्तन है।
अन्योन्य प्रेरकत्व (Mutual Inductance) तब होता है जब एक कुंडली में धारा परिवर्तन से दूसरी कुंडली में emf उत्पन्न होता है। इसे $M$ से दर्शाया जाता है। दो कुंडलियों के लिए अन्योन्य प्रेरकत्व समान होता है:
$$ M_{12} = M_{21} = M $$
यह सिद्धांत ट्रांसफॉर्मर और प्रत्यावर्ती धारा जनित्र के कार्य का आधार है।
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण के प्रयोग और उपकरण
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत का उपयोग कई उपकरणों में होता है:
- डी. सी. डायनेमो: विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करता है। इसमें सेगमेंट रिंग कम्यूटेटर का प्रयोग होता है।
- ट्रांसफॉर्मर: विद्युत धारा के वोल्टेज को बढ़ाने या घटाने के लिए।
- इलेक्ट्रिक मोटर: विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलता है।
- स्टार्टर: मोटर के प्रारंभ में धारा नियंत्रित करता है।
इन उपकरणों में प्रेरकत्व और वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
प्रेरकत्व की तुलना: स्व-प्रेरकत्व बनाम अन्योन्य प्रेरकत्व
नीचे दी गई तालिका में स्व-प्रेरकत्व और अन्योन्य प्रेरकत्व की तुलना की गई है:
| विशेषता | स्व-प्रेरकत्व (Self Inductance) | अन्योन्य प्रेरकत्व (Mutual Inductance) |
|---|---|---|
| परिभाषा | एक ही कुंडली में emf उत्पन्न होता है | एक कुंडली में धारा परिवर्तन से दूसरी में emf उत्पन्न होता है |
| प्रतीक | $L$ | $M$ |
| प्रभाव क्षेत्र | उसी कुंडली तक सीमित | दो या अधिक कुंडलियों के बीच |
| उपयोग | मोटर, इंडक्टर्स | ट्रांसफॉर्मर, प्रत्यावर्ती धारा जनित्र |
यह तुलना छात्रों को दोनों प्रकार के प्रेरकत्व को स्पष्ट रूप से समझने में मदद करती है।
प्रेरकत्व से संबंधित महत्वपूर्ण सूत्र और उदाहरण
प्रेरकत्व से जुड़े मुख्य सूत्र:
- प्रेरित emf:
$$ \varepsilon = -L \frac{dI}{dt} $$
- चुंबकीय फ्लक्स और धारा का संबंध:
$$ N \times \Phi_B = L \times I $$
उदाहरण:
यदि किसी कुंडली का प्रेरकत्व $L = 2 H$ है और उसमें धारा $I$ 3 A से 0 A तक 0.5 सेकंड में घटती है, तो प्रेरित emf ज्ञात करें।
हल:
$$ \frac{dI}{dt} = \frac{0 - 3}{0.5} = -6 A/s $$
$$ \varepsilon = -L \frac{dI}{dt} = -2 \times (-6) = 12 V $$
इस प्रकार, प्रेरित emf 12 वोल्ट होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण किस सिद्धांत पर आधारित है?
यह माइकल फैराडे के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन से emf उत्पन्न होता है।
प्रेरकत्व की SI इकाई क्या है?
प्रेरकत्व की SI इकाई हेनरी (Henry) है, जिसे $H$ से दर्शाया जाता है।
स्व-प्रेरकत्व और अन्योन्य प्रेरकत्व में क्या अंतर है?
स्व-प्रेरकत्व में emf उसी कुंडली में उत्पन्न होता है, जबकि अन्योन्य प्रेरकत्व में एक कुंडली में परिवर्तन से दूसरी कुंडली में emf उत्पन्न होता है।
डी. सी. डायनेमो में सेगमेंट रिंग कम्यूटेटर क्यों उपयोग होता है?
यह धारा के दिशा को नियंत्रित करता है जिससे स्थिर धारा प्राप्त हो सके।
प्रेरकत्व पर कौन-कौन से कारक निर्भर करते हैं?
कुंडली की ज्यामिति, फेरों की संख्या और कुंडली के पदार्थ के गुण प्रेरकत्व को प्रभावित करते हैं।
इस अध्याय में महारत हासिल करें
पूरा वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण अध्याय — इंटरैक्टिव नोट्स, चित्र, हल किए गए प्रश्न, पोल्स और मुफ़्त अभ्यास क्विज़ — ConceptScroll ऐप में।
MyStudyCoach के साथ स्मार्ट पढ़ें
रोज़ाना एनसीईआरटी रील्स, एआई डाउट सॉल्विंग और अध्याय क्विज़ — सब मुफ़्त।
मुफ़्त सीखना शुरू करेंऔर पढ़ें
- Semiconductor Electronics: Materials, Devices And Simple Circuits 14.1 Introduction | Class 12 Physics Notes
Clear NCERT-aligned notes on Semiconductor Electronics: Materials, Devices And Simple Circuits 14.1 Introduction for Class 12 Physics.
- Semiconductor Electronics: Materials, Devices And Simple Circuits 14.1 Introduction | Class 12 Physics Notes
Clear NCERT-aligned notes on Semiconductor Electronics: Materials, Devices And Simple Circuits 14.1 Introduction for Class 12 Physics.
- Semiconductor Electronics: Materials, Devices And Simple Circuits 14.1 Introduction | Class 12 Physics Notes
Clear NCERT-aligned notes on Semiconductor Electronics: Materials, Devices And Simple Circuits 14.1 Introduction for Class 12 Physics.